पूजा चुनें
पूजा का चयन करें
भुगतान विवरण
संकल्प फॉर्म
पूजा और प्रसाद वितरण
मनचाहे प्रेम की प्राप्ति, रिश्तों में स्थिरता व आजीवन सुखद दांपत्य का दिव्य आशीर्वाद
पूजा वीडियो प्राप्त करें
4.2
Don’t miss out - Puja bookings close soon!
> इस पूजा में पंडित जी संकल्प के समय एक भक्त के नाम एवं गोत्र का विधिवत एवं श्रद्धापूर्वक उच्चारण कर पूजा का शुभारंभ करेंगे।
> पंडित जी आपकी पूजा में घी, फूल माला, पूजा सामग्री, फल, धूपबत्ती, हवन अन्य सामग्री का उपयोग करेंगे और विधि विधान से आपके नाम गोत्र से पूजा करेंगे।
> ये पूजा विशेष तौर पर शुभ तिथि व मुहूर्त को ध्यान में रखकर की जाएगी, जिससे भक्तों को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त हो।
> पूजा संपन्न होने के बाद 2-3 दिनों के अंदर में पूजा का वीडियो आपके व्हाट्सऐप नंबर पर भेजा जाएगा।
> इस पूजा में पंडित जी संकल्प के समय, 2 भक्त के नाम और गोत्र का श्रद्धापूर्वक उच्चारण करते हुए पूजा का आरंभ करेंगे।
> पंडित जी आपकी पूजा में घी, फूल माला, पूजा सामग्री, फल, धूपबत्ती, हवन सामग्री आदि का उपयोग करेंगे और विधि विधान से आपके नाम से पूजा करेंगे।
> ये पूजा विशेष तौर पर शुभ तिथि व मुहूर्त को ध्यान में रखकर की जाएगी, जिससे भक्तों को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
> पूजा संपन्न होने के बाद 2-3 दिनों के अंदर में पूजा का वीडियो आपके व्हाट्सऐप नंबर पर भेजा जाएगा।
> इस पूजा में पंडित जी संकल्प के समय, 6 भक्त के नाम और गोत्र का श्रद्धापूर्वक उच्चारण करते हुए पूजा का आरंभ करेंगे।
> पंडित जी आपकी पूजा में घी, फूल माला, पूजा सामग्री, फल, धूपबत्ती, हवन सामग्री आदि का उपयोग करेंगे और विधि विधान से आपके नाम से पूजा करेंगे।
> ये पूजा विशेष तौर पर शुभ तिथि व मुहूर्त को ध्यान में रखकर की जाएगी, जिससे भक्तों को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
> पूजा के पश्चात 2–3 दिनों में पूजा वीडियो और 8–10 दिनों में दिव्य शिव आशीर्वाद बॉक्स के साथ सिद्ध रुद्राक्ष ViaVeda द्वारा निःशुल्क आपके पते पर भेजा जाएगा।
> यह VIP पूजा पैकेज पूर्णतः व्यक्तिगत एवं एक्सक्लूसिव रूप से केवल आपके लिए आयोजित किया जाएगा। इसमें सिर्फ आपके लिए ही पूजा की जाएगी।
> संकल्प के समय पंडित जी केवल आपका नाम, गोत्र एवं विशेष संकल्प पूर्ण श्रद्धा और एकाग्रता के साथ उच्चारित करेंगे।
> इस विशेष पूजा में उत्तम श्रेणी की सामग्री जैसे शुद्ध घी, विशेष पुष्प-मालाएँ, धूप, कपूर, चंदन, रोली, मोली, अक्षत, फल एवं अन्य दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण पूजन सामग्री का प्रयोग किया जाएगा।
> पूजा को अत्यंत शुभ तिथि, श्रेष्ठ मुहूर्त एवं ग्रह-स्थिति को ध्यान में रखकर संपन्न किया जाएगा, जिससे भक्त को शीघ्र, प्रभावी एवं पूर्ण फल की प्राप्ति हो।
> इस पैकेज में विशेष धार्मिक सेवाएँ जैसे वस्त्र दान, गौ सेवा या विशेष चढ़ावा सेवा (आपके चयन अनुसार) भी विधिपूर्वक संपन्न की जाएँगी।
> पूजा के पश्चात 2–3 दिनों में पूजा वीडियो और 8–10 दिनों में दिव्य शिव आशीर्वाद बॉक्स के साथ सिद्ध रुद्राक्ष ViaVeda द्वारा निःशुल्क आपके पते पर भेजा जाएगा।
महाशिवरात्रि पर होने वाले इस शिव पार्वती गठबंधन महापूजा और भस्म आरती से भगवान शिव व माता पार्वती प्रसन्न होते हैं जिससे भक्त के शीघ्र विवाह के योग बनते हैं और कुंडली से विवाह बाधाएँ दूर होती हैं।
शास्त्रों में शिव–पार्वती के आदर्श दांपत्य माना गया है इनको प्रसन्न करने से प्रेम संबंधों में विश्वास, समर्पण और स्थायित्व बढ़ता है।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन शिव पार्वती की अराधना करने से पति–पत्नी के बीच मतभेद, तनाव और गलतफहमियाँ कम होती हैं तथा आपसी सामंजस्य बढ़ता है।
कहते हैं कि शिव पार्वती गठबंधन महापूजा रिश्तों में आई दूरी या अलगाव को समाप्त कर प्रेम और अपनेपन को बढ़ाती है।
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से दांपत्य जीवन में प्रेम, सम्मान और भावनात्मक संतुलन बना रहता है।
क्या है शिव पार्वती गठबंधन महापूजा?
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का शुभ विवाह हुआ था, इसलिए इस दिन को भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का सबसे दिव्य पर्व माना जाता है। इस विशेष दिन पर शिव पार्वती की संयुक्त अराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि शिव चेतना हैं और पार्वती शक्ति, इन दोनों का मिलन जीवन में स्थिरता, पूर्णता और सामंजस्य प्रदान करता है। मान्यता है कि जिस प्रकार माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया, उसी प्रकार इस पूजा के माध्यम से सच्चे प्रेम, सफल विवाह और सुखद दांपत्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए इस महापूजा में शिव–पार्वती का विशेष रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया जाता है और इसके बाद भस्म आरती से यह अनुष्ठान संपन्न होता है, जिससे भक्त को मानसिक, भावनात्मक और वैवाहिक संतुलन प्राप्त होता है।
त्रियुगीनारायण मंदिर में ही क्यों कराएं यह विशेष पूजा ?
अगर यह अनुष्ठान महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर त्रियुगीनारायण में कराया जाए तो इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह भक्तों के लिए अधिक लाभकारी साबित होगा। दरअसल, त्रियुगीनारायण मंदिर एक अत्यंत दिव्य और सिद्ध स्थल है। यह वही स्थान है जहाँ स्वयं भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। कहा जाता है कि भगवान शिव, माता पार्वती की कोई भी बात नहीं टालते, इसलिए देवी की प्रसन्नता अपने आप शिव की कृपा को आकर्षित करती है। ऐसे में इस स्थान पर महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर की गई शिव–पार्वती गठबंधन महापूजा प्रेम और विवाह से संबंधित सभी मनोकामनाओं को शीघ्र पूर्ण करती है। अगर इस दिन इस पूजा के साथ भस्म आरती भी किया जाए तो यह इस अनुष्ठान को और भी फलदायी बना देती है। शास्त्रों में बताया गया है कि भस्म भगवान शिव को अतिप्रिय है और वो अपने शरीर पर सदैव इसे धारण करते हैं। इसलिए वायावेदा के माध्यम से आप इस महाशिवरात्रि पर मनचाहे प्रेम की प्राप्ति, रिश्तों में स्थिरता व आजीवन सुखद दांपत्य का दिव्य आशीर्वाद पाने के लिए त्रियुगीनारायण मंदिर में होने वाले शिव पार्वती गठबंधन महापूजा और भस्म आरती में भाग लें।
त्रियुगीनारायण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित एक ऐतिहासिक और पवित्र स्थल है, जो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के त्रियुगीनारायण गांव में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रियुगीनारायण को हिमवत की राजधानी माना जाता था और यहीं पर भगवान शिव और देवी पार्वती का पवित्र विवाह हुआ था। कहा जाता है कि शिव और पार्वती का विवाह इसी विशाल हवन कुंड में हुआ था, जिसमें चारों दिशाओं में अग्नि प्रज्वलित की गई थी। इस दिव्य विवाह समारोह में ब्रह्मा, विष्णु सहित सभी देवताओं और संतों ने भाग लिया था। इस हवन कुंड की राख को आज भी भक्त अपने घर ले जाते हैं, और इसे अपने वैवाहिक जीवन के सुखमय होने के लिए एक आशीर्वाद मानते हैं।
त्रियुगीनारायण नाम इसी कारण पड़ा क्योंकि यहाँ तीन युगों के चिन्ह देखे जाते हैं, जो भगवान विष्णु, शिव और पार्वती के दिव्य संबंधों को दर्शाते हैं। इस मंदिर के परिसर में चार महत्वपूर्ण कुंड स्थित हैं: रुद्राकुंड, विष्णु कुंड, ब्रह्मकुंड और सरस्वती कुंड। इन कुंडों का जल बहुत पवित्र माना जाता है, और यही वह स्थान है जहाँ देवताओं ने शिव-पार्वती के विवाह के दौरान स्नान किया था। विशेष रूप से, सरस्वती कुंड का जल विष्णु की नाभि से उत्पन्न माना जाता है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। इसलिए, पाप कर्मों से मुक्ति, वैवाहिक सुख एवं दांपत्य सामंजस्य एवं सुख समृद्धि के लिए चढ़ाया जाने वाला चढ़ावा इस मंदिर में अत्यंत फलदायी माना जाता है।
ViaVeda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप ViaVeda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
ViaVeda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, ViaVeda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





WhatsApp us