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अच्छे स्वास्थ्य एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति का आशीष
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4.1
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> संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी पूज्यनीय सेवाओं का चयन कर अपनी आस्था को और विशेष बनाएं आपके नाम से संपन्न की जाएगी।
> निजी पूजा वीडियो: आपकी पूजा और अर्पण का उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
> आशीर्वाद बॉक्स: 8–10 दिनों में, दिव्य आशीर्वाद बॉक्स जिसमें प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र सामग्री होगी ViaVeda द्वारा नि:शुल्क आपके पते पर भेजा जाएगा।
माँ कुष्मांडा की कृपा से छिपे और प्रकट शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। कार्यक्षेत्र, न्यायिक मामलों और प्रतिस्पर्धा में सफलता के योग प्रबल होते हैं।
यह महायज्ञ शारीरिक रोगों और बार-बार होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति की कामना हेतु किया जाता है। साधक को उत्तम स्वास्थ्य और नई ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है।
माता का तेजस्वी स्वरूप भय और असुरक्षा की भावना को दूर करता है। जीवन की चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
इस यज्ञ की पवित्र आहुति और मंत्रोच्चार से नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं का नाश होता है। वातावरण में सकारात्मकता और सुरक्षा की भावना स्थापित होती है।
माँ की आराधना से मन में शांति और संतुलन आता है। साधक आध्यात्मिक रूप से सशक्त होकर जीवन में स्थिरता का अनुभव करता है।
माँ कुष्मांडा नवदुर्गा का चौथा स्वरूप हैं और उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने अपनी दिव्य मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की। उनका प्रकाशमय और उर्जावान स्वरूप जीवन के अंधकार, भय और रोगों को दूर करने वाला माना जाता है। माँ कुष्मांडा की आराधना विशेष रूप से शत्रु बाधाओं को समाप्त करने और जीवन में विजय दिलाने के लिए की जाती है। यदि कार्यक्षेत्र में विरोध, प्रतिस्पर्धा, कानूनी अड़चन या छिपे शत्रुओं का भय हो, तो यह माँ कुष्मांडा महायज्ञ साहस और सुरक्षा का कवच प्रदान करता है। माता की कृपा से आत्मबल बढ़ता है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और हर चुनौती का सामना करने का हौसला मिलता है।
रोग नाशक स्वरूप में माँ कुष्मांडा स्वास्थ्य की अधिष्ठात्री भी मानी जाती हैं। यह महायज्ञ दीर्घकालिक रोगों, बार-बार होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और कमजोर ऊर्जा से मुक्ति की प्रार्थना के साथ किया जाता है। वैदिक मंत्रों और पवित्र आहुतियों के माध्यम से साधक के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और आरोग्य का संचार करने का संकल्प लिया जाता है। काशी में स्थित नवदुर्गा मंदिर में यह पूजा विधि-विधान से संपन्न किया जाएगा। मान्यता है कि यहां की गई साधना शीघ्र और विशेष फल प्रदान करती है। माँ कुष्मांडा की कृपा से साधक को शत्रुओं पर विजय, रोगों से राहत और निर्भय, स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
वाराणसी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। परंतु जहां शिव हैं वहां माता शक्ति भी विराजमान रहती हैं और वाराणसी में माता शक्ति के नवो रूप विद्यमान है। धर्म नगरी काशी में देवी के कई सिद्ध मंदिर हैं। इस नगरी में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां मां दुर्गा नौ रूपों में विराजमान हैं। यहां एक ही विग्रह में नौ देवी के दर्शन होते हैं। सिद्धि ऐसी है कि औरंगजेब भी इस मंदिर को नहीं छू पाया था। सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर की कई मान्यताएं हैं। मान्यता है कि यहां मां की प्रतिमा स्थापित नहीं है, बल्कि वह स्वयं विराजित हैं। यहां दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का कहना है कि जो भी इस दरबार में आकर श्रद्धापूर्वक अराधना करता है मां उसे शुभाशीष देती हैं।
इस प्राचीन नवदुर्गा मंदिर में माता सभी की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। माता शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री इन नौ रूपों में देवी यहां विराजमान हैं। नवरात्र के दिनों में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बड़ी संख्या में जमा होती है। मंदिर के महंत ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर की कई मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि औरंगजेब काशी में मंदिरों को तुड़वा रहा था उस वक्त भी उसके सैनिक इस मंदिर को नहीं छू पाए थे। मान्यता यह भी है कि माता यहां स्वयंभू हैं और यहां दर्शन करने वालों को नौ देवी के दर्शन प्राप्त होते हैं। श्रद्धालु नौ दिन माता के इस मंदिर में आकर दर्शन कर लें तो उसे नवदुर्गा का आशीर्वाद मिलता है।
ViaVeda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप ViaVeda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
ViaVeda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, ViaVeda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





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