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पूजा और प्रसाद वितरण

1008 गंगा मंत्र जाप, गंगा पंचामृत अभिषेक और दीप दान

पापों से मुक्ति एवं शारीरिक कल्याण के लिए

  • गंगा घाट, हरिद्वार
  • May 25, Monday

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प्रसाद वितरण(* केवल भारत में उपलब्ध है)

4.4

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एक व्यक्ति
एक व्यक्ति
1 भक्त के लिए
$ 51
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पार्टनर के साथ
पार्टनर के साथ
2 भक्तो के लिए
$ 71
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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परिवार
परिवार
6 भक्तो के लि
$ 151
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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वीआईपी
वीआईपी
व्यक्तिगत पूजा
$ 251
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पूजा की मुख्य विशेषताएं
पूजा के लाभ
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गंगा दशहरा के दिन 1008 गंगा मंत्र जाप और पूजा करने से जीवन के जाने-अनजाने पापों का प्रभाव कम होने की मान्यता है। यह अनुष्ठान आत्मा की शुद्धि कर व्यक्ति को भीतर से हल्का और शांत महसूस कराता है।

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माँ गंगा को जीवनदायिनी और शुद्धता का स्रोत माना जाता है। इस दिन किया गया पंचामृत अभिषेक और मंत्र जाप शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने और स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

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दीप दान और गंगा मंत्रों के उच्चारण से आसपास और जीवन में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यह पूजा एक सकारात्मक और पवित्र वातावरण का निर्माण करती है।

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गंगा आराधना से मन शांत होता है, तनाव और चिंता कम होती है। यह पूजा मानसिक स्थिरता और सकारात्मक सोच को बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।

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माँ गंगा की कृपा से जीवन में खुशहाली, शांति और समृद्धि का संचार होता है। परिवार में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है और जीवन अधिक संतुलित बनता है।

पूजा के बारे में
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सनातन धर्म में गंगा दशहरा वह पावन दिन माना जाता है, जब माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था। मान्यता है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के इस दिव्य अवसर पर माँ गंगा की पूजा, स्नान और दान करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और जीवन में शुद्धि तथा सुख-शांति का संचार होता है। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं। भगवान शिव ने उनके प्रचंड वेग को अपनी जटाओं में धारण कर उन्हें नियंत्रित किया, जिससे पृथ्वी पर जीवन का संतुलन बना रहा। यही कारण है कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि मोक्ष और शुद्धि का दिव्य स्रोत मानी जाती हैं। हरिद्वार का गंगा घाट विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही वह स्थान है जहां माँ गंगा पर्वतों से उतरकर मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती हैं।

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मंदिर के बारे में
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गंगा घाट हरिद्वार हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है, जहाँ माँ गंगा हिमालय से उतरकर पहली बार मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती हैं। इसी कारण इस स्थान का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत बढ़ जाता है। मान्यता है कि यहाँ स्नान, पूजा और दान करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। गंगा दशहरा, कुंभ और अन्य पर्वों पर यहाँ लाखों श्रद्धालु एकत्र होकर माँ गंगा की आराधना करते हैं। हरिद्वार के प्रमुख घाटों में हर की पौड़ी विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जहाँ की भव्य गंगा आरती विश्वभर में जानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान विष्णु के चरण पड़े थे, इसलिए इसे “हरि की पौड़ी” कहा जाता है। कहा जाता है कि यहाँ किया गया दीप दान और गंगा स्नान कई जन्मों के पापों को हरने वाला होता है और जीवन में शांति, शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।

यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076  पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई  पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।

हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा में कैसे भाग लें?
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पूजा और भेट दान का चयन करें जैसे - वस्त्र दान, गौ सेवा, ब्राह्मण भोजन आदि
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पूजा तिथि पर - पूजा वीडियो देखें
पूजा पर लघु दर्शन वीडियो साझा किया जाएगा तिथि. नाम-गोत्र सहित पूरा वीडियो भेजा जाएगा 2-3 दिनों के भीतर व्हाट्सएप पर।
प्रसाद घर पर पहुंचाया जाएगा
मंदिर से प्रामाणिक प्रसाद 7-10 दिनों के भीतर वितरित किया जाएगा।

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