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सावन प्रदोष पर शिव-पार्वती के दिव्य विवाह स्थल में विशेष अनुष्ठान
सावन प्रदोष शिव-गौरी विशेष: पार्वती स्वयंवर पूजन एवं हवन

आदर्श जीवनसाथी पाने एवं रिश्ते में प्रेम और स्थिरता की प्राप्ति के लिए

  • त्रियुगीनारायण मंदिर, उत्तराखंड
  • August 10, Monday

मौका न चूकें - पूजा बुकिंग जल्द ही बंद हो रही है!

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2 लाख+ श्रद्धालु

ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है Via Veda

क्या योग्य जीवनसाथी की तलाश अधूरी है, विवाह में बाधाएं आ रही हैं या रिश्ते में प्रेम की कमी है? इस सावन प्रदोष पर त्रियुगीनारायण मंदिर में पार्वती स्वयंवर पूजन एवं हवन से जुड़कर आदर्श जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें।
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🌙 सावन प्रदोष पर शिव-गौरी की पूजा क्यों मानी जाती है विशेष?

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष काल में महादेव प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं सुनते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर करने का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। जब प्रदोष भगवान शिव के प्रिय सावन मास में आता है, तब इसका आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। सावन में की गई शिव-गौरी पूजा प्रेम, विवाह, दांपत्य सुख और मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है। इस पावन संयोग पर पार्वती स्वयंवर पूजन एवं हवन करना उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष माना जाता है, जो आदर्श जीवनसाथी, शीघ्र विवाह अथवा अपने संबंध में प्रेम, विश्वास और स्थिरता की कामना रखते हैं।

❤️ माता पार्वती की तपस्या से क्या सीख मिलती है?

धार्मिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। अनेक कठिनाइयों के बाद भी उन्होंने अपना संकल्प नहीं छोड़ा। उनकी अटूट श्रद्धा, धैर्य और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया।

शिव और पार्वती का विवाह केवल दो दिव्य शक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, समानता, धैर्य और जन्म-जन्मांतर के साथ का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण माता पार्वती की उपासना आदर्श जीवनसाथी की प्राप्ति और विवाह की मनोकामना के लिए विशेष शुभ मानी जाती है। विवाहित श्रद्धालु भी संबंधों में प्रेम, सामंजस्य और अखंड सौभाग्य के लिए शिव-गौरी की संयुक्त आराधना करते हैं।

🌺पार्वती स्वयंवर पूजन क्या है?

पार्वती स्वयंवर पूजन माता पार्वती के उस दिव्य संकल्प को समर्पित विशेष अनुष्ठान है, जिसके माध्यम से उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इस पूजा में माता पार्वती और भगवान शिव का विधिपूर्वक आवाहन एवं पूजन किया जाता है। श्रद्धालु की ओर से योग्य जीवनसाथी, विवाह की बाधाओं की शांति और प्रेमपूर्ण वैवाहिक जीवन की कामना से विशेष मंत्रों का जाप एवं प्रार्थना की जाती है।

मान्यता है कि यह पूजन मन में चल रही असमंजस की स्थिति को शांत करने, उचित रिश्ते की प्राप्ति और विवाह से संबंधित शुभ अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने में सहायक होता है। यह पूजा केवल अविवाहित लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि उन दंपतियों के लिए भी शुभ मानी जाती है जो अपने संबंध में प्रेम, समझ, विश्वास और स्थिरता बढ़ाना चाहते हैं।

🛕 त्रियुगीनारायण मंदिर में यह पूजा क्यों है अत्यंत विशेष?

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग क्षेत्र में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह स्थल के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी पवित्र स्थान पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। भगवान विष्णु ने माता पार्वती के भाई के रूप में विवाह की जिम्मेदारियां निभाईं और ब्रह्माजी ने पुरोहित बनकर वैदिक विधि से विवाह संपन्न कराया।

मंदिर में प्रज्वलित अखंड अग्नि को उसी दिव्य विवाह की साक्षी माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह अग्नि तीन युगों से निरंतर जल रही है, जिसके कारण इस स्थान का नाम त्रियुगीनारायण पड़ा। जिस भूमि पर स्वयं शिव और पार्वती का मिलन हुआ हो, वहां आदर्श जीवनसाथी, शीघ्र विवाह और सुखी दांपत्य की कामना से किया गया पार्वती स्वयंवर पूजन विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।

✨सावन प्रदोष, स्वयंवर पूजन और विवाह स्थल का दिव्य संगम

इस पूजा का महत्व तीन अत्यंत शुभ आध्यात्मिक तत्वों से बढ़ जाता है:

  • सावन—भगवान शिव का सबसे प्रिय मास
  • प्रदोष—शिव-गौरी की संयुक्त उपासना का शुभ समय
  • त्रियुगीनारायण—शिव-पार्वती के दिव्य विवाह की पावन भूमि

इन तीनों का संयोग इस अनुष्ठान को प्रेम, विवाह और दांपत्य जीवन से जुड़ी प्रार्थनाओं के लिए अत्यंत विशेष बनाता है। मान्यता है कि इस अवसर पर श्रद्धा से किया गया पूजन साधक को सही जीवनसाथी चुनने की समझ, संबंधों में धैर्य, प्रेम में स्थिरता और विवाह के लिए अनुकूल परिस्थितियों का आशीर्वाद प्रदान करता है।

🙏 इस विशेष अनुष्ठान में क्या होगा?

सावन प्रदोष के पावन अवसर पर त्रियुगीनारायण मंदिर में आपके नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर पार्वती स्वयंवर पूजन एवं हवन संपन्न किया जाएगा। भगवान शिव और माता पार्वती का विधिपूर्वक आवाहन, पूजन और विशेष प्रार्थना की जाएगी। माता पार्वती के स्वयंवर एवं विवाह से संबंधित पवित्र मंत्रों का जाप करते हुए योग्य जीवनसाथी, शीघ्र विवाह और संबंधों में प्रेम की कामना की जाएगी। इसके पश्चात वैदिक हवन में विशेष आहुतियां समर्पित कर विवाह की बाधाओं की शांति, पारिवारिक सहमति, रिश्तों में मधुरता, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना की जाएगी।

त्रियुगीनारायण मंदिर, उत्तराखंड
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर सनातन धर्म के सबसे पवित्र और ऐतिहासिक विवाह स्थलों में से एक माना जाता है। यह वही दिव्य भूमि मानी जाती है, जहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह वैदिक विधि से संपन्न हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव विवाह के लिए सहमत हुए और त्रियुगीनारायण की पवित्र भूमि को उनके दिव्य मिलन का स्थान बनाया गया।

भगवान विष्णु ने माता पार्वती के भाई के रूप में कन्यादान एवं विवाह की जिम्मेदारियां निभाईं, जबकि ब्रह्माजी ने पुरोहित बनकर विवाह संस्कार संपन्न कराया। विवाह के समय प्रज्वलित हुई पवित्र अग्नि आज भी मंदिर परिसर में अखंड धूनी के रूप में जलती हुई मानी जाती है। मंदिर के आसपास स्थित ब्रह्मकुंड, विष्णुकुंड और रुद्रकुंड भी विशेष धार्मिक महत्व रखते हैं। श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा कर आदर्श जीवनसाथी, विवाह की बाधाओं से राहत तथा सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मांगते हैं। शिव-पार्वती के दिव्य प्रेम और अखंड विवाह की साक्षी यह भूमि आज भी प्रेम, समर्पण, सौभाग्य और वैवाहिक सुख की कामना रखने वाले भक्तों का प्रमुख तीर्थ मानी जाती है।

पूजा के लाभ

आदर्श एवं योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति

पार्वती स्वयंवर पूजन माता पार्वती की उस तपस्या और संकल्प से जुड़ा है, जिसके माध्यम से उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इस पूजा में साधक के गुणों के अनुरूप समझदार, प्रेमपूर्ण और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

विवाह में आ रही बाधाओं से राहत

यदि विवाह में बार-बार विलंब हो रहा हो, उचित रिश्ता न मिल रहा हो, बने हुए संबंध टूट जाते हों या पारिवारिक सहमति में बाधा आ रही हो, तो यह अनुष्ठान विवाह से जुड़ी रुकावटों की शांति के लिए विशेष शुभ माना जाता है।

रिश्ते में प्रेम एवं मधुरता

भगवान शिव और माता पार्वती का दांपत्य प्रेम, विश्वास और समानता का सर्वोच्च आदर्श माना जाता है। उनकी संयुक्त आराधना रिश्तों में संवाद, प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने की प्रार्थना का माध्यम है।

शीघ्र विवाह के शुभ योग

सावन प्रदोष पर त्रियुगीनारायण मंदिर में स्वयंवर पूजन कराने से विवाह के अनुकूल अवसरों और शुभ परिस्थितियों के लिए प्रार्थना की जाती है। माता पार्वती से साधक की विवाह संबंधी मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद मांगा जाता है।

सुखी दांपत्य एवं अखंड सौभाग्य

विवाहित दंपतियों के लिए यह पूजा संबंधों में स्थिरता, आपसी समझ और प्रेम बनाए रखने के लिए शुभ मानी जाती है। माता गौरी से अखंड सौभाग्य और भगवान शिव से शांतिपूर्ण एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की प्रार्थना की जाती है।

पूजा में कैसे भाग लें?
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पूजा और भेट दान का चयन करें जैसे - वस्त्र दान, गौ सेवा, ब्राह्मण भोजन आदि
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पूजा तिथि पर - पूजा वीडियो देखें
पूजा पर लघु दर्शन वीडियो साझा किया जाएगा तिथि. नाम-गोत्र सहित पूरा वीडियो भेजा जाएगा 2-3 दिनों के भीतर व्हाट्सएप पर।
प्रसाद घर पर पहुंचाया जाएगा
मंदिर से प्रामाणिक प्रसाद 7-10 दिनों के भीतर वितरित किया जाएगा।
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मुख्य विशेषताएं

संकल्प के दौरान, हमारे पंडित जी 2 भक्तों के नाम और पारिवारिक गोत्र का उच्चारण करेंगे।

आप अपने नाम से वस्त्र दान, गौ सेवा, या चढ़ावा सेवा जैसे अतिरिक्त विकल्पों को चुन सकते हैं।

आपकी पूजा और चढ़ावे का वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।

8-10 दिनों के भीतर, आपको विया वेदा द्वारा मुफ्त में प्रसाद, पवित्र धागा और अन्य पवित्र वस्तुओं के साथ एक दिव्य आशीर्वाद बॉक्स मिलेगा।

पूजा की मुख्य विशेषताएं
उपयोगकर्ताओं की समीक्षाएँ

2 लाख+ श्रद्धालुओं ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है।

• 2026/04/16

Vishnu temple rituals looked authentic and beautifully performed throughout today.

• 2026/04/04

Lakshmi puja brought positive feelings and happiness to our family.

• 2025/12/24

Shani puja was good only the video arrived a little late.

• 2026/02/17

Hanuman Ji seva was completed exactly as promised with great care.

• 2025/08/23

The Mahadev puja video filled our hearts with peace and devotion.

• 2025/10/24

लक्ष्मी पूजा का अनुभव परिवार के लिए बहुत शुभ रहा।

• 2025/06/30

माँ काली की पूजा देखकर मन सचमुच भावुक हो गया।

• 2025/10/03

शनि पूजा अच्छी रही, वीडियो थोड़ा देर से मिला लेकिन संतोष हुआ।

• 2026/02/21

हनुमान जी की सेवा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हुई।

• 2025/09/29

महादेव की पूजा देखकर मन को बहुत शांति और संतोष मिला।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।

यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076  पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई  पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।

हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

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