पूजा चुनें
पूजा का चयन करें
भुगतान विवरण / संकल्प फॉर्म
पूजा और प्रसाद वितरण
सर्वकार्य सिद्धि, ग्रह दोष शांति, सुख-समृद्धि प्राप्ति एवं नौ देवियों के आशीष के लिए
मौका न चूकें - पूजा बुकिंग जल्द ही बंद हो रही है!
2 लाख+ श्रद्धालु
ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है Via Veda
🌺 नवरात्रि की महानवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व क्यों माना जाता है?
नवरात्रि के अंतिम चरण में कन्या पूजन देवी आराधना की प्रमुख परंपराओं में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कन्याओं में देवी शक्ति का स्वरूप देखकर श्रद्धापूर्वक उनका पूजन, भोजन और सम्मान किया जाता है। महानवमी पर किया गया कन्या पूजन नवरात्रि की देवी आराधना को पूर्ण करने और मां दुर्गा की कृपा की प्रार्थना का विशेष माध्यम माना जाता है।
👧 नौ कन्याओं में नवदुर्गा के किन स्वरूपों का पूजन किया जाता है?
नवरात्रि में नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर पूजने की परंपरा है। ये नौ स्वरूप हैं—मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। इसी भाव से नौ कन्याओं का पूजन देवी के नौ स्वरूपों के प्रति श्रद्धा और समर्पण के रूप में किया जाता है।
💐 कन्याओं को श्रृंगार, महाभोग और दक्षिणा अर्पित करने का क्या महत्व है?
कन्या पूजन केवल पूजा तक सीमित नहीं है। इसमें कन्याओं का आदरपूर्वक स्वागत कर उन्हें श्रृंगार सामग्री, महाभोग और दक्षिणा अर्पित की जाती है। यह सेवा देवी के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। भक्त इस सेवा के माध्यम से मां से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, मंगल और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
✨ महानवमी पर नौ देवियों की कृपा की प्रार्थना क्यों विशेष है?
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है और महानवमी इस साधना के समापन की प्रमुख तिथियों में से एक है। इस दिन नौ कन्याओं में नवदुर्गा का भाव रखकर पूजा करने से भक्त एक ही अनुष्ठान के माध्यम से नौ देवी स्वरूपों की कृपा, सर्वकार्य सिद्धि, ग्रह दोषों की शांति और जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर सकते हैं।
🙏 इस महानवमी विशेष कन्या पूजन में क्या होगा?
महानवमी के पावन अवसर पर आपके नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर श्री नवदुर्गा मंदिर, काशी में विशेष कन्या पूजन संपन्न किया जाएगा। नवदुर्गा के प्रतीक स्वरूप 9 कन्याओं का विधिपूर्वक पूजन कर उन्हें श्रृंगार सामग्री, महाभोग और दक्षिणा अर्पित की जाएगी। इस पवित्र सेवा के माध्यम से सर्वकार्य सिद्धि, ग्रह दोष शांति, सुख-समृद्धि, पारिवारिक मंगल और नौ देवियों के आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की जाएगी।
वाराणसी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। परंतु जहां शिव हैं वहां माता शक्ति भी विराजमान रहती हैं और वाराणसी में माता शक्ति के नवो रूप विद्यमान है। धर्म नगरी काशी में देवी के कई सिद्ध मंदिर हैं। इस नगरी में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां मां दुर्गा नौ रूपों में विराजमान हैं। यहां एक ही विग्रह में नौ देवी के दर्शन होते हैं। सिद्धि ऐसी है कि औरंगजेब भी इस मंदिर को नहीं छू पाया था। सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर की कई मान्यताएं हैं। मान्यता है कि यहां मां की प्रतिमा स्थापित नहीं है, बल्कि वह स्वयं विराजित हैं। यहां दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का कहना है कि जो भी इस दरबार में आकर श्रद्धापूर्वक अराधना करता है मां उसे शुभाशीष देती हैं।
इस प्राचीन नवदुर्गा मंदिर में माता सभी की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। माता शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री इन नौ रूपों में देवी यहां विराजमान हैं। नवरात्र के दिनों में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बड़ी संख्या में जमा होती है। मंदिर के महंत ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर की कई मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि औरंगजेब काशी में मंदिरों को तुड़वा रहा था उस वक्त भी उसके सैनिक इस मंदिर को नहीं छू पाए थे।
मान्यता यह भी है कि माता यहां स्वयंभू हैं और यहां दर्शन करने वालों को नौ देवी के दर्शन प्राप्त होते हैं। श्रद्धालु नौ दिन माता के इस मंदिर में आकर दर्शन कर लें तो उसे नवदुर्गा का आशीर्वाद मिलता है।
नौ कन्याओं को नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर पूजन किया जाएगा और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की कृपा एवं आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की जाएगी।
मां दुर्गा की कृपा से जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों में आने वाली बाधाओं की शांति तथा कार्यों की सिद्धि और सफलता के लिए प्रार्थना की जाएगी।
इस विशेष देवी आराधना के माध्यम से प्रतिकूल ग्रह प्रभावों की शांति तथा जीवन में संतुलन और सकारात्मकता के लिए देवी का आशीर्वाद मांगा जाएगा।
कन्या पूजन, महाभोग और दक्षिणा अर्पण के माध्यम से धन-धान्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए मां की कृपा की प्रार्थना की जाएगी।
नवदुर्गा स्वरूप नौ कन्याओं की सेवा के माध्यम से परिवार में सुख-शांति, मंगल, आपसी प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा के लिए प्रार्थना की जाएगी।





1 भक्त के लिए
2 भक्त के लिए
6 भक्त के लिए
विशेष पूजा
100% मनी बैक गारंटी
कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं
आधिकारिक मंदिर भागीदार
ग्राहक सहायता
संकल्प के दौरान, हमारे पंडित जी 2 भक्तों के नाम और पारिवारिक गोत्र का उच्चारण करेंगे।
आप अपने नाम से वस्त्र दान, गौ सेवा, या चढ़ावा सेवा जैसे अतिरिक्त विकल्पों को चुन सकते हैं।
आपकी पूजा और चढ़ावे का वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
8-10 दिनों के भीतर, आपको विया वेदा द्वारा मुफ्त में प्रसाद, पवित्र धागा और अन्य पवित्र वस्तुओं के साथ एक दिव्य आशीर्वाद बॉक्स मिलेगा।
Vishnu temple rituals looked authentic and beautifully performed throughout today.
Lakshmi puja brought positive feelings and happiness to our family.
Shani puja was good only the video arrived a little late.
Hanuman Ji seva was completed exactly as promised with great care.
The Mahadev puja video filled our hearts with peace and devotion.
लक्ष्मी पूजा का अनुभव परिवार के लिए बहुत शुभ रहा।
माँ काली की पूजा देखकर मन सचमुच भावुक हो गया।
शनि पूजा अच्छी रही, वीडियो थोड़ा देर से मिला लेकिन संतोष हुआ।
हनुमान जी की सेवा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हुई।
महादेव की पूजा देखकर मन को बहुत शांति और संतोष मिला।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडियो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
WhatsApp us