पूजा चुनें
पूजा का चयन करें
भुगतान विवरण / संकल्प फॉर्म
पूजा और प्रसाद वितरण
राजवैभव, पद-प्रतिष्ठा, धन की स्थिरता, व्यापार उन्नति एवं अष्टलक्ष्मी कृपा की कामना हेतु।
मौका न चूकें - पूजा बुकिंग जल्द ही बंद हो रही है!
2 लाख+ श्रद्धालु
ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है Via Veda
🪔 दीपावली की रात्रि में माँ अष्टलक्ष्मी की पूजा क्यों विशेष है?
सनातन धर्म में दीपावली को धन, समृद्धि, प्रकाश और सौभाग्य का महापर्व माना जाता है। कार्तिक अमावस्या की पावन रात्रि में माँ महालक्ष्मी की आराधना का विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर भक्त धन-धान्य में वृद्धि, आर्थिक स्थिरता, व्यापार में प्रगति और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं।
माँ महालक्ष्मी के आठ दिव्य स्वरूपों को अष्टलक्ष्मी कहा जाता है। ये आठ स्वरूप धन, धान्य, राजवैभव, संतान सुख, साहस, विजय, विद्या और आध्यात्मिक समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। इसी पावन अवसर पर दिल्ली के श्री लक्ष्मीनारायण बिरला मंदिर में तृतीय प्रहर के सिंह लग्न में माँ अष्टलक्ष्मी की विशेष कुमकुम महाअर्चना आयोजित की जाएगी। इस पूजा के माध्यम से भक्त माँ अष्टलक्ष्मी से धन की स्थिरता, पद-प्रतिष्ठा, व्यापार उन्नति और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना कर सकेंगे।
🦁 सिंह लग्न में लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व क्यों है?
वैदिक ज्योतिष में दीपावली पर स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार यह धन और समृद्धि की स्थिरता की कामना से जुड़ा है। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जिन्हें ज्योतिष में आत्मविश्वास, नेतृत्व, अधिकार और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। इसीलिए सिंह लग्न में माँ लक्ष्मी की आराधना विशेष रूप से राजवैभव, सामाजिक सम्मान, आर्थिक स्थिरता, व्यवसाय में सफलता और नेतृत्व क्षमता के आशीर्वाद की कामना से की जाती है। इस दिवाली सिंह लग्न में माँ अष्टलक्ष्मी की कुमकुम महाअर्चना भक्तों को माँ महालक्ष्मी की स्थिर कृपा और राजसमृद्धि की प्रार्थना करने का विशेष अवसर प्रदान करेगी।
🌙 तृतीय प्रहर एवं सिंह लग्न संधिकाल का क्या महत्व है?
हिंदू कालगणना में रात्रि को चार प्रहरों में विभाजित किया जाता है। दीपावली की रात्रि में सामान्यतः प्रदोष काल की लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, जबकि कुछ उपासना परंपराओं में मध्यरात्रि की विशेष आराधना भी की जाती है।
इस विशेष आयोजन में माँ अष्टलक्ष्मी की कुमकुम महाअर्चना तृतीय प्रहर के सिंह लग्न में संपन्न की जाएगी।
आयोजन के निर्धारित समय:
इस विशेष संधिकाल में माँ अष्टलक्ष्मी से राजवैभव, धन की स्थिरता, व्यापार वृद्धि, पद-प्रतिष्ठा और पारिवारिक कल्याण की प्रार्थना की जाएगी।
🌺 माँ अष्टलक्ष्मी के आठ स्वरूपों का क्या महत्व है?
हिंदू धार्मिक परंपराओं में माँ महालक्ष्मी के आठ प्रमुख स्वरूपों को जीवन की विभिन्न प्रकार की समृद्धियों का प्रतीक माना जाता है।
माँ अष्टलक्ष्मी की संयुक्त आराधना केवल धन प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि जीवन के सभी क्षेत्रों में सुख, समृद्धि और कल्याण का आशीर्वाद मांगने के लिए की जाती है।
🌸 कुमकुम अष्टलक्ष्मी महाअर्चना का क्या महत्व है?
सनातन धर्म में कुमकुम को मंगल, सौभाग्य और देवी शक्ति की आराधना का पवित्र प्रतीक माना जाता है। माँ महालक्ष्मी की पूजा में कुमकुम अर्पित करना धन-धान्य, सुख-सौभाग्य और पारिवारिक मंगल की कामना से जुड़ा है। इस विशेष महाअर्चना में माँ अष्टलक्ष्मी के आठों स्वरूपों का स्मरण करते हुए कुमकुम अर्पित किया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस प्रकार की देवी आराधना से भक्त धनलक्ष्मी की कृपा, गजलक्ष्मी से राजवैभव, विजयलक्ष्मी से कार्यसिद्धि और अन्य लक्ष्मी स्वरूपों से जीवन में शुभता एवं समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। सिंह लग्न में होने वाली यह विशेष कुमकुम महाअर्चना राजसमृद्धि, धन की स्थिरता और अखंड सौभाग्य की कामना को समर्पित होगी।
🙏 इस विशेष मिनी पूजा में क्या होगा?
इस दीपावली VIAVEDA के माध्यम से दिल्ली के श्री लक्ष्मीनारायण बिरला मंदिर में भक्तों के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर माँ अष्टलक्ष्मी की विशेष कुमकुम महाअर्चना संपन्न कराई जाएगी।
अनुष्ठान के प्रमुख भाग होंगे:
इस दिवाली तृतीय प्रहर के सिंह लग्न में माँ अष्टलक्ष्मी की कुमकुम महाअर्चना में सम्मिलित हों और अपने परिवार के लिए राजवैभव, आर्थिक समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगें।
भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, जिसे बिरला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु और माँ महालक्ष्मी को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण बिरला परिवार द्वारा करवाया गया था और वर्ष 1939 में महात्मा गांधी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। मंदिर की प्रमुख आराध्य मूर्तियां भगवान लक्ष्मीनारायण की हैं, जो भगवान विष्णु और माँ महालक्ष्मी के दिव्य स्वरूप का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
धार्मिक मान्यताओं में भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता और माँ महालक्ष्मी को धन, समृद्धि एवं सौभाग्य की देवी माना जाता है। इसीलिए लक्ष्मीनारायण को समर्पित इस पवित्र मंदिर में दीपावली के अवसर पर माँ लक्ष्मी की विशेष आराधना का भावनात्मक एवं धार्मिक महत्व है। यहां भक्त भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी से सुख-समृद्धि, आर्थिक स्थिरता, पारिवारिक कल्याण और जीवन में शुभता का आशीर्वाद मांगते हैं।
सिंह लग्न का संबंध ज्योतिषीय परंपरा में सूर्य, नेतृत्व और प्रतिष्ठा से माना जाता है। इस विशेष मुहूर्त में माँ गजलक्ष्मी एवं अष्टलक्ष्मी की आराधना राजवैभव, मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा की कामना से की जाती है।
स्थिर सिंह लग्न में माँ महालक्ष्मी की कुमकुम महाअर्चना के माध्यम से भक्त धन-धान्य में वृद्धि, आर्थिक सुरक्षा और अर्जित धन की स्थिरता का आशीर्वाद मांगते हैं।
माँ धनलक्ष्मी और विजयलक्ष्मी की आराधना व्यापार में प्रगति, नए शुभ अवसरों और कार्यों में सफलता की कामना से की जाती है।
माँ महालक्ष्मी की विशेष उपासना आर्थिक कठिनाइयों, धन संबंधी बाधाओं और जीवन में अभावों की शांति की प्रार्थना से की जाती है।
कुमकुम को मंगल और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। माँ अष्टलक्ष्मी की कुमकुम महाअर्चना के माध्यम से भक्त परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगते हैं।





1 भक्त के लिए
2 भक्त के लिए
6 भक्त के लिए
व्यक्तिगत पूजा
100% मनी बैक गारंटी
कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं
आधिकारिक मंदिर भागीदार
ग्राहक सहायता
संकल्प के दौरान, हमारे पंडित जी 2 भक्तों के नाम और पारिवारिक गोत्र का उच्चारण करेंगे।
आप अपने नाम से वस्त्र दान, गौ सेवा, या चढ़ावा सेवा जैसे अतिरिक्त विकल्पों को चुन सकते हैं।
आपकी पूजा और चढ़ावे का वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
8-10 दिनों के भीतर, आपको विया वेदा द्वारा मुफ्त में प्रसाद, पवित्र धागा और अन्य पवित्र वस्तुओं के साथ एक दिव्य आशीर्वाद बॉक्स मिलेगा।
Vishnu temple rituals looked authentic and beautifully performed throughout today.
Lakshmi puja brought positive feelings and happiness to our family.
Shani puja was good only the video arrived a little late.
Hanuman Ji seva was completed exactly as promised with great care.
The Mahadev puja video filled our hearts with peace and devotion.
लक्ष्मी पूजा का अनुभव परिवार के लिए बहुत शुभ रहा।
माँ काली की पूजा देखकर मन सचमुच भावुक हो गया।
शनि पूजा अच्छी रही, वीडियो थोड़ा देर से मिला लेकिन संतोष हुआ।
हनुमान जी की सेवा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हुई।
महादेव की पूजा देखकर मन को बहुत शांति और संतोष मिला।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
WhatsApp us