चढ़ावा वीडियो प्राप्त करें
4.8
Don’t miss out - Chadhava bookings close soon!
| चुनी गई सेवाएं | |
| ऑर्डर अमाउंट | $ |
| जीएसटी | शामिल |
| कुल राशि | $ |
| पूरा नाम * | |
| व्हाट्सएप नंबर * |
+1
▾
|
| ऑर्डर अपडेट इस WhatsApp नंबर पर भेजे जाएंगे। ऑर्डर पूरा होने के बाद ऑर्डर हिस्ट्री में पूजा/चढ़ावा वीडियो देखें। | |
| गोत्र | |
| अगर कोई गोत्र नहीं दिया गया है, तो उसे 'कश्यप' के रूप में दर्ज किया जाएगा। | |
धन की चिंता, व्यापार में रुकावट या मेहनत के बाद भी बचत नहीं हो रही? इस दिवाली माँ महालक्ष्मी के चरणों में अपनी समृद्धि का संकल्प अर्पित करें।
दिवाली की कार्तिक अमावस्या माँ महालक्ष्मी की आराधना का विशेष अवसर मानी जाती है। इस दिन भक्त धन, धान्य, सुख, सौभाग्य और परिवार की आर्थिक स्थिरता के लिए देवी की कृपा मांगते हैं।
इस वर्ष ViaVeda लेकर आया है दिवाली चार प्रहर अष्टलक्ष्मी महाचढ़ावा, जिसमें दिल्ली के श्री लक्ष्मीनारायण बिरला मंदिर में रात्रि के चारों प्रहरों में माँ लक्ष्मी की विशेष आराधना के साथ कमल और कमलगट्टा अर्पित किए जाएंगे।
एक रात्रि • चार प्रहर • अष्टलक्ष्मी की महाकृपा की प्रार्थना
पूरी रात्रि को चार प्रहरों में विभाजित कर अलग-अलग समृद्धि संकल्पों के साथ देवी की आराधना की जाएगी।
🌆 प्रथम प्रहर — धनलक्ष्मी
धन-धान्य, आय और आर्थिक स्थिरता की प्रार्थना।
🌙 द्वितीय प्रहर — गजलक्ष्मी
व्यापार वृद्धि, राजवैभव और प्रतिष्ठा की कामना।
🪷 तृतीय प्रहर — विजयलक्ष्मी
आर्थिक बाधाओं की शांति और कार्यों में सफलता की प्रार्थना।
🌅 चतुर्थ प्रहर — अष्टलक्ष्मी
अखंड सौभाग्य, ज्ञान, पारिवारिक मंगल और सर्वांगीण समृद्धि की कामना।
चार प्रहरों का यह क्रम इस विशेष महाचढ़ावे का निर्धारित संकल्प है।
कमल माँ महालक्ष्मी का प्रमुख प्रतीक है। यह पवित्रता, सौंदर्य, शुभता और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है।
कमलगट्टा अर्थात कमल के बीज भी लक्ष्मी उपासना की अनेक परंपराओं में उपयोग किए जाते हैं।
इस विशेष महाचढ़ावे में कमल एवं कमलगट्टा अर्पित कर भक्त धन-संचय, व्यापार वृद्धि, आर्थिक स्थिरता और जीवन में शुभता की प्रार्थना कर सकेंगे।
🪔 चार प्रहर अष्टलक्ष्मी आराधना — रात्रि के चार चरणों में विशेष देवी उपासना।
🪷 कमल अर्पण — माँ महालक्ष्मी को पवित्र कमल समर्पण।
📿 कमलगट्टा अर्पण — धन-समृद्धि एवं आर्थिक स्थिरता का संकल्प।
🙏 नाम एवं गोत्र संकल्प — भक्त और परिवार के मंगल की प्रार्थना।
इस दिवाली, चार प्रहर माँ अष्टलक्ष्मी के चरणों में अपनी समृद्धि का संकल्प अर्पित करें।
भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, जिसे बिरला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु और माँ महालक्ष्मी को समर्पित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।
इस मंदिर का निर्माण बिरला परिवार द्वारा करवाया गया था और वर्ष 1939 में महात्मा गांधी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था।
🌺 मंदिर के प्रमुख आराध्य भगवान लक्ष्मीनारायण हैं, जिनमें भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता और माँ महालक्ष्मी धन, सौभाग्य एवं समृद्धि की अधिष्ठात्री के रूप में पूजनीय हैं।
🪔 दिवाली के पावन अवसर पर लक्ष्मीनारायण को समर्पित इस मंदिर में माँ महालक्ष्मी की आराधना विशेष भावनात्मक और धार्मिक महत्व रखती है।
यहां भक्त आर्थिक स्थिरता, व्यापार में उन्नति, पारिवारिक सुख-शांति और जीवन में शुभता का आशीर्वाद मांगते हैं।
इस दिवाली, ऐसे पवित्र मंदिर में चार प्रहर कमल–कमलगट्टा महाचढ़ावा अर्पित कर माँ अष्टलक्ष्मी की दिव्य कृपा का संकल्प लें।





WhatsApp us