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> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
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> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
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> संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी पूज्यनीय सेवाओं का चयन कर अपनी आस्था को और विशेष बनाएं आपके नाम से संपन्न की जाएगी।
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नौ दिवसीय सप्तशती पाठ और हवन से साधक की विशेष मनोकामनाएँ पूर्ण होने की मान्यता है। देवी की कृपा से जीवन में इच्छित फल प्राप्त होता है।
शक्तिपीठ में नवरात्रि में किया गया दुर्गा सप्तशती का पाठ नकारात्मक शक्तियों और शत्रु बाधाओं से रक्षा प्रदान करता है। यह साधक को साहस और आत्मबल देता है।
माँ दुर्गा की आराधना से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। आर्थिक और सामाजिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
मान्यता है कि नवरात्रि में नियमित पाठ और हवन से मन की दुर्बलता दूर होती है। आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है।
नवरात्रि में नौ दिनों तक यह अनुष्ठान साधक को करने से धर्म मार्ग दृढ़ करता है और देवी से गहरा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करता है।
नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आदिशक्ति की जाग्रत उपस्थिति का दिव्य काल माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इन नौ रात्रियों में देवी शक्ति पृथ्वी लोक पर विशेष रूप से सक्रिय रहती हैं और अपने भक्तों की साधना को शीघ्र स्वीकार करती हैं। दुर्गा सप्तशती, जिसे चंडी पाठ भी कहा जाता है, जो मार्कंडे पुराण का अमूल्य अंश है। उसमें वर्णित है कि जो साधक नवरात्रि के दिनों में यह पाठ कराता है, उसकी बाधाएँ शांत होती हैं, शत्रु पराजित होते हैं और विशिष्ट कामनाएँ पूर्ण होती हैं। नौ दिनों तक देवी के नवस्वरूपों का आह्वान, कवच, अर्गला, कीलक तथा संपूर्ण अध्यायों का विधिपूर्वक पाठ साधक के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। शास्त्रों में कहा गया है कि नवरात्रि में किया गया जाप और पाठ अनेक गुना फलदायी होता है, क्योंकि यह काल स्वयं सिद्धिदायक माना गया है।
वहीं हवन इस अनुष्ठान का महत्वपूर्ण भाग है। अग्नि देव को साक्षी मानकर विशेष मंत्रों के साथ आहुति अर्पित की जाती है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है और साधक की कामनाएँ देवी तक पहुँचती हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में किया गया यह पाठ और हवन शीघ्र फलदायी होता है तथा देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह अनुष्ठान गुह्येश्वरी देवी मंदिर में संपन्न कराया जाएगा, जो प्राचीन शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ देवी सती की शक्ति का वास है, जिससे यह स्थान अत्यंत सिद्ध और जाग्रत है। इसलिए नवरात्रि के पावन काल में इस शक्तिपीठ में संपन्न “नौ दिवसीय सप्तशती पाठ एवं हवन” साधक की विशिष्ट कामनाओं, चाहे वह संतान, विवाह, स्वास्थ्य, विजय, समृद्धि या आध्यात्मिक उन्नति से संबंधित हो—की पूर्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के तट पर स्थित गुह्येश्वरी शक्तिपीठ हिंदू धर्म के 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र और रहस्यमयी स्थल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ माता सती के शरीर के ‘गुह्य’ भाग गिरा था। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ देवी की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक समतल भू-भाग के बीच एक छोटा सा छिद्र है जिसे कलश के रूप में पूजा जाता है। इस छिद्र से निरंतर जल का प्रवाह होता रहता है, जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहाँ की शक्ति ‘महामाया’ और भैरव ‘कपाल’ रूप में प्रतिष्ठित हैं।
यह मंदिर प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के अत्यंत निकट है और आध्यात्मिक दृष्टि से इन दोनों का गहरा संबंध है। कहा जाता है कि पशुपतिनाथ (शिव) के दर्शन तब तक पूर्ण नहीं माने जाते जब तक भक्त गुह्येश्वरी (शक्ति) के दर्शन न कर लें। तांत्रिक साधना के लिए यह मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है और यहाँ विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। काली तंत्र, चंडी तंत्र और शिव तंत्र रहस्य जैसे पवित्र ग्रंथों में इस मंदिर को तांत्रिक शक्ति प्राप्त करने के सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक माना गया है।
ViaVeda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
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ViaVeda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
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ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
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