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महाशिवरात्रि की पावन रात्रि में चार प्रहरों में होने वाला महाभिषेक अत्यंत फलदायी माना गया है। प्रथम प्रहर में 1008 बेलपत्र अर्पण से मनोकामनापूर्ति, द्वितीय प्रहर में 108 कलश कुशा...
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> इस महाशिवरात्रि शिव–पार्वती गठबंधन महापूजा एवं दिव्य भस्म आरती में, पंडित जी संकल्प के समय एक भक्त के नाम एवं गोत्र का विधिवत, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धापूर्वक उच्चारण कर पूजा का शुभारंभ करेंगे।
> पूजा में भगवान शिव एवं माता पार्वती को समर्पित शुद्ध घी, बेलपत्र, भस्म, पुष्प-मालाएँ, फल, धूप, दीप, हवन सामग्री एवं विशेष चढ़ावा अर्पित किया जाएगा तथा भक्त के नाम-गोत्र से विधि-विधान अनुसार अभिषेक, मंत्र जाप एवं भस्म आरती संपन्न की जाएगी।
> यह महापूजा विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अत्यंत शुभ मुहूर्त में की जाएगी, जिससे भक्त को वैवाहिक सुख, पारिवारिक सामंजस्य, मानसिक शांति एवं मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त हो।
> पूजा संपन्न होने के 2–3 दिनों के भीतर पूजा का वीडियो आपके व्हाट्सऐप पर भेजा जाएगा एवं 8–10 दिनों के भीतर दिव्य शिव–पार्वती आशीर्वाद बॉक्स एवं सिद्ध रूद्राक्ष ViaVeda द्वारा निःशुल्क आपके घर भेजा जाएगा।
> इस महाशिवरात्रि पर आयोजित शिव–पार्वती गठबंधन महापूजा में पंडित जी संकल्प के समय दो भक्तों के नाम एवं गोत्र का संयुक्त रूप से श्रद्धापूर्वक उच्चारण करते हुए पूजा का आरंभ करेंगे।
> पूजा के दौरान भगवान शिव–पार्वती का विधिवत अभिषेक, मंत्र जाप, हवन एवं पावन भस्म आरती की जाएगी, जिसमें शुद्ध घी, बेलपत्र, भस्म, पुष्प, फल एवं अन्य पूजन सामग्री का प्रयोग होगा।
> यह विशेष पूजा शुभ तिथि एवं श्रेष्ठ मुहूर्त में संपन्न की जाएगी, जिससे दोनों भक्तों को दांपत्य जीवन में मधुरता, रिश्तों में मजबूती एवं शिव–पार्वती की संयुक्त कृपा प्राप्त हो।
> पूजा के पश्चात 2–3 दिनों में पूजा वीडियो और 8–10 दिनों में दिव्य आशीर्वाद बॉक्स एवं सिद्ध रूद्राक्ष ViaVeda द्वारा निःशुल्क भेजा जाएगा।
> इस महाशिवरात्रि शिव–पार्वती गठबंधन महापूजा में पंडित जी संकल्प के समय छह भक्तों के नाम एवं गोत्र का विधिवत उच्चारण करते हुए सामूहिक पूजा का शुभारंभ करेंगे।
> इस महापूजा में सभी भक्तों के लिए भगवान शिव–पार्वती का अभिषेक, रुद्र मंत्र जाप, हवन एवं पावन भस्म आरती की जाएगी, जिससे सामूहिक रूप से सुख, शांति, समृद्धि एवं पारिवारिक कल्याण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
> पूजा को महाशिवरात्रि के श्रेष्ठ मुहूर्त में संपन्न किया जाएगा, जिससे सभी भक्तों को पूजा का पूर्ण फल एवं मनोकामना सिद्धि का आशीष प्राप्त हो।
> पूजा पूर्ण होने पर 2–3 दिनों में पूजा वीडियो एवं 8–10 दिनों में दिव्य शिव आशीर्वाद बॉक्स एवं सिद्ध रूद्राक्ष ViaVeda द्वारा निःशुल्क आपके पते पर भेजा जाएगा।
> यह VIP महाशिवरात्रि पूजा पैकेज पूर्णतः व्यक्तिगत एवं एक्सक्लूसिव है, जिसमें शिव–पार्वती की पूजा केवल आपके लिए ही संपन्न की जाएगी।
> संकल्प के समय पंडित जी केवल आपका नाम, गोत्र एवं विशेष मनोकामना संकल्प पूर्ण एकाग्रता एवं वैदिक विधि से उच्चारित करेंगे।
> इस विशेष पूजा में उत्तम श्रेणी की दुर्लभ पूजन सामग्री जैसे शुद्ध देशी घी, विशेष बेलपत्र, चंदन, भस्म, पुष्प-मालाएँ, धूप, कपूर, फल एवं हवन सामग्री का प्रयोग कर भव्य शिव–पार्वती अभिषेक एवं दिव्य भस्म आरती की जाएगी।
> पूजा को महाशिवरात्रि के सर्वोत्तम मुहूर्त एवं अनुकूल ग्रह-स्थिति में संपन्न किया जाएगा, जिससे भक्त को शीघ्र, प्रभावी एवं पूर्ण फल की प्राप्ति हो।
> इस VIP पैकेज में विशेष चढ़ावा सेवा / वस्त्र दान / गौ सेवा (आपके चयन अनुसार) भी विधिपूर्वक संपन्न की जाएगी।
> पूजा के पश्चात 2–3 दिनों में विशेष रिकॉर्ड किया गया पूजा वीडियो आपके व्हाट्सऐप पर भेजा जाएगा एवं 8–10 दिनों में VIP दिव्य शिव–पार्वती आशीर्वाद बॉक्स एवं सिद्ध रूद्राक्ष ViaVeda द्वारा निःशुल्क आपके घर भेजा जाएगा।
कहते हैं कि महाशिवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर भगवान शिव का अभिषेक करने से उनकी कृपा से रोग, भय और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
महाशिवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर भगवान शिव के अभिषेक से वैवाहिक जीवन में आ रहे तनाव, कलह और बाधाएं दूर होकर संबंधों में मधुरता आती है।
कहते हैं कि महाशिवरात्रि पर शिव कृपा से आर्थिक समस्याओं में राहत मिलती है और धनागमन के मार्ग खुलते हैं।
शास्त्रों की मानें तो रात्रि जागरण और अभिषेक से मन शांत होता है और नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं।
माना जाता है कि इस चार प्रहर महाभिषेक से पूर्व जन्मों के पापों का नाश होता है और इच्छित फल की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि पर रात्रि के 4 प्रहर में क्यों होता है महादेव का महाभिषेक और क्या है इसका महत्त्व?
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का शुभ विवाह हुआ था और इस दिन रात्रि के चार प्रहर का विशेष महत्व होता है। इन 4 प्रहर में पूजा करने से मनुष्य को उत्तम स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, धन वृद्धि, और पाप कर्मों से मुक्ति मिल सकती है। ऐसे दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग में की गई शिव आराधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसी दिव्य अवसर पर वायावेदा आपके लिए दिल्ली स्थित धर्म संघ में महाशिवरात्रि विशेष : चार प्रहर रात्रि जागरण महाभिषेक का विशेष अनुष्ठान लेकर आया है, जिसमें अनुभवी पंडितों द्वारा आपके नाम और गोत्र के साथ पूर्ण वैदिक विधि से पूजा संपन्न कराई जाएगी।
यह महाभिषेक भगवान शिव पर बेलपत्र अर्पण से प्रारंभ होकर पंचामृत अभिषेक के साथ पूर्ण होगा। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान शिव का अलग-अलग द्रव्यों से अभिषेक करने से जीवन के सभी कष्ट, दोष और बाधाएँ दूर होती जाती हैं और भक्त को अखंड सौभाग्य, स्वास्थ्य, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
चार प्रहर महाभिषेक का दिव्य महत्व
पहला प्रहर – 1008 बेलपत्र महाभिषेक (समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु)
महाशिवरात्रि के प्रथम प्रहर में लगातार 1008 बेलपत्रों से भगवान शिव का महाभिषेक किया जाता है। यह प्रहर भक्त की सभी इच्छाओं और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस अभिषेक से जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।
दूसरा प्रहर – 108 कलश कुशा जल अभिषेक (आरोग्यता और दीर्घायु हेतु)
दूसरे प्रहर में कुशा युक्त पवित्र जल से 108 कलशों द्वारा अभिषेक किया जाता है। कुशा को रोगनाशक और पवित्रता का प्रतीक माना गया है। इस प्रहर का अभिषेक उत्तम स्वास्थ्य, रोगों से मुक्ति और दीर्घायु का वरदान प्रदान करता है।
तीसरा प्रहर – 108 कलश गन्ने के रस से अभिषेक (लक्ष्मी प्राप्ति हेतु)
तीसरे प्रहर में भगवान शिव का अभिषेक 108 कलश गन्ने के रस से किया जाता है। गन्ना मधुरता, समृद्धि और धन का प्रतीक है। इस प्रहर का अभिषेक आर्थिक समस्याओं को दूर करता है और जीवन में धन, वैभव व स्थायी समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है।
चौथा प्रहर – 11 किलो पंचामृत से महाभिषेक (अखंड सौभाग्य हेतु)
अंतिम और सबसे पावन प्रहर में भगवान शिव का 11 किलो पंचामृत द्वारा महाभिषेक किया जाता है। पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से किया गया अभिषेक वैवाहिक सुख, दांपत्य सौभाग्य और पारिवारिक शांति प्रदान करता है। यह प्रहर पूजा को पूर्णता प्रदान करता है और भक्त को शिव-पार्वती की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है।
महाशिवरात्रि की इस दिव्य रात्रि में चार प्रहर रात्रि जागरण महाभिषेक में सहभागी बनकर आप भी भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं। वायावेदा के माध्यम से आपके नाम और गोत्र के साथ संपन्न होने वाली यह पूजा आपको उत्तम स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, धन वृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान कर सकती है।
धर्म संघ एक अनोखा और गतिशील संगठन है जो सनातन धर्म और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार के लिए समर्पित है। सम्मानित संतों और आध्यात्मिक नेताओं के मार्गदर्शन में 11 अप्रैल 2003 को स्थापित, इसकी शुरुआत एक छोटे से प्रयास के रूप में हुई थी और तब से यह एक व्यापक आध्यात्मिक और सामाजिक आंदोलन बन गया है। यह संघ धर्म (सही जीवन जीने) की भावना से समुदायों को एक साथ लाने के लिए अथक प्रयास करता है, जो आधुनिक दुनिया के लिए सनातन मूल्यों, परंपरा और सांस्कृतिक एकता के महत्व पर जोर देता है। भारत को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति के माध्यम से एक अखंड राष्ट्र और विश्व गुरु के रूप में फिर से स्थापित करने की प्रेरणादायक दृष्टि के साथ, धर्म रक्षा संघ लोगों को पूरे दिल से भाग लेने और अपने मिशन के लिए मन, शरीर और संसाधनों का योगदान करने के लिए आमंत्रित करता है।
धर्म संघ को जो बात खास बनाती है, वह है इसके प्रोजेक्ट्स और गतिविधियों की व्यापकता और विविधता। पारंपरिक पूजा और त्योहारों से परे, यह संघ सक्रिय रूप से समाज सेवा, आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक उत्थान में लगा हुआ है। इसके कार्यक्रमों में कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति, पवित्र नदियों की सफाई और सुरक्षा, गौ-रक्षा पहल, मूल्य और धर्म शिक्षा, और वंचितों के लिए धर्मार्थ सहायता जैसे अभियान शामिल हैं। इन प्रयासों के माध्यम से, संगठन न केवल धार्मिक पुनरुत्थान बल्कि पूरे भारत में नैतिक संवर्धन, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भी तलाश करता है। आध्यात्मिक परंपराओं को सेवा और सक्रियता के साथ जोड़कर, धर्म संघ सदस्यों और समर्थकों को अपनी विरासत को बनाए रखने के साथ-साथ व्यापक सामाजिक कल्याण में योगदान करने का एक सार्थक तरीका प्रदान करता है।
ViaVeda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप ViaVeda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
ViaVeda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, ViaVeda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





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