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पूजा और प्रसाद वितरण
दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता के लिए
प्रसाद वितरण(* केवल भारत में उपलब्ध है)
4.2
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> संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी पूज्यनीय सेवाओं का चयन कर अपनी आस्था को और विशेष बनाएं आपके नाम से संपन्न की जाएगी।
> निजी पूजा वीडियो: आपकी पूजा और अर्पण का उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
> आशीर्वाद बॉक्स: 8–10 दिनों में, दिव्य आशीर्वाद बॉक्स जिसमें प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र सामग्री होगी ViaVeda द्वारा नि:शुल्क आपके पते पर भेजा जाएगा।
यह अनुष्ठान राधा-कृष्ण की दिव्य कृपा से दांपत्य और प्रेम संबंधों में आपसी समझ को बढ़ाता है। गलतफहमियाँ दूर होकर भावनात्मक जुड़ाव और विश्वास मजबूत होता है।
इस पूजा से संतान प्राप्ति की कामना रखने वाले दंपत्तियों को सकारात्मक फल की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही संतान के स्वास्थ्य, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामना की जाती है।
इस शुभ दिन पर मंत्र जाप और अभिषेक से घर के वातावरण में शुद्धता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। इससे तनाव कम होकर परिवार में आनंद, शांति और उत्साह बढ़ता है।
श्री सूक्तम पाठ से लक्ष्मी कृपा की प्राप्ति होती है, जिससे धन-धान्य और समृद्धि के मार्ग खुलते हैं। समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है।
यह पूजा विवाह योग्य जातकों के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है। सच्चे भाव से की गई प्रार्थना योग्य और सद्गुणी जीवनसाथी के योग को प्रबल करती है।
कब से मनाया जाने लगा होली का त्योहार और क्या है इसका भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी से संबंध…
सनातन धर्म में होली का त्योहार बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि प्रेम और उल्लास का यह त्योहार कब से मनाया जा रहा है। पौराणिक कथानुसार, एक बार भगवान श्री कृष्ण माता यशोदा के पास गए और उनसे प्रश्न किया कि राधा का रंग इतना गोरा क्यों है और मेरा रंग इतना सांवला क्यों है… इस पर माता यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण को एक सुझाव दिया कि वह राधा को रंग लगा दें ताकि वह दोनों एक ही रंग के हो जाए और भगवान श्री कृष्ण ने वैसा ही किया। तभी से होली के पर्व की पंरपरा शुरु हुई और इसी कारण आज भी वृंदावन में यह पर्व काफी धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा करने और उनको गुलाल अर्पित करने से दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इसलिए इस बार वायावेदा द्वारा, होली के शुभ अवसर पर वृंदावन के के राधा-दामोदर मंदिर में राधा-कृष्ण पंचामृत अभिषेक, मंत्र जाप, श्री सूक्तम पाठ और गुलाल अर्पण का आयोजन किया जा रहा है। यह पूजा न केवल वैवाहिक जीवन में प्रेम और स्थिरता ला सकती है, बल्कि प्रेम संबंधों को भी मजबूत कर सकती है। यदि आप अपने रिश्ते में बढ़ती दूरियों, मनमुटाव या नकारात्मक ऊर्जा से परेशान हैं, तो यह अनुष्ठान आपके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और राधा की युगल उपासना का भारत के सबसे पवित्र एवं प्रसिद्ध धामों में से एक है। 19वीं शताब्दी में संत स्वामी हरिदास द्वारा स्थापित यह मंदिर निधिवन से प्रकट हुई ठाकुर जी की दिव्य प्रतिमा के कारण विशेष रूप से विख्यात है। यहां विराजमान बांके बिहारी जी की ‘त्रिभंग’ मुद्रा—तीन स्थानों से झुकी हुई मनोहर आकृति—उनके रसिक और माधुर्य स्वरूप को दर्शाती है। ‘बांके’ का अर्थ है तीन जगह से टेढ़ा और ‘बिहारी’ का अर्थ है रस में विहार करने वाले, जो भगवान के प्रेममय स्वरूप को अभिव्यक्त करता है।
मंदिर की सबसे अनूठी परंपरा ‘पर्दा प्रथा’ है, जिसमें ठाकुर जी के दर्शन के दौरान बार-बार पर्दा लगाया जाता है। मान्यता है कि बिहारी जी अपने भक्तों को प्रेम में इतना आकृष्ट कर लेते हैं कि उनकी दृष्टि से भक्त भाव-विभोर हो जाते हैं। यहां अन्य मंदिरों की तरह नियमित मंगल आरती नहीं होती, क्योंकि स्वामी हरिदास जी ने उन्हें बाल स्वरूप में आराध्य माना—जो रात्रि में रास के पश्चात प्रातः विश्राम करते हैं। वर्ष में केवल एक बार, वैशाख मास की अक्षय तृतीया पर भक्तों को उनके चरण दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह मंदिर सांस्कृतिक दृष्टि से भी वृंदावन का प्रमुख केंद्र है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु कृष्ण प्रेम की अनुभूति के लिए आते हैं।
ViaVeda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप ViaVeda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
ViaVeda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, ViaVeda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





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