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> एक व्यक्ति के लिए लगातार 16 सोमवार पूजा
> नाम और गोत्र सहित व्यक्तिगत संकल्प
> हर सोमवार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र जाप और अभिषेक
> अंतिम सोमवार के बाद मंदिर प्रसाद घर भेजा जाएगा।
> दो व्यक्तियों के लिए (पति-पत्नी या प्रेमी युगल हेतु विशेष)
> संयुक्त संकल्प के साथ हर सोमवार रुद्राभिषेक
> दोनों के नाम से मंत्र जाप एवं आशीर्वाद
> हर सप्ताह पूजा की फोटो/वीडियो अपडेट
> 16वें सोमवार के बाद प्रसाद आपके पते पर भेजा जाएगा।
> पूरे परिवार (अधिकतम 4 सदस्यों) के लिए
> प्रत्येक सदस्य का नाम और गोत्र संकल्प में शामिल
> पारिवारिक सुख, शांति और समृद्धि हेतु पूजा
> महा रुद्र अर्चना में परिवार के नाम से आशीर्वाद
> पूजा पूर्ण होने पर रुद्राक्ष एवं मंदिर प्रसाद भेजा जाएगा।
> सभी 16 सोमवारों पर विशेष रुद्राभिषेक एवं शिव सहस्रनाम अर्चना
> समर्पित वैदिक आचार्य द्वारा व्यक्तिगत पूजा
> हर सोमवार लाइव स्ट्रीमिंग सुविधा
> पूजा पूर्ण होने पर रुद्राक्ष एवं शिव यंत्र घर भेजा जाएगा
> 16वें सोमवार के बाद प्रसाद आपके पते पर भेजा जाएगा ।
देवी पार्वती मंगल, सौभाग्य और सुहाग की अधिष्ठात्री हैं। उनके श्रृंगार से पति की दीर्घायु, दांपत्य में स्थिरता, घर में सुख-संपन्नता का आशीर्वाद मिलता है।
अविवाहित कन्याओं के लिए यह पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। इससे प्रसन्न होकर माता शीघ्र विवाह, योग्य जीवनसाथी का वरदान देती हैं।
माँ पार्वती को पतिव्रता और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इनका श्रृंगार करने से पति-पत्नी का संबंध मजबूत होता है, गलतफहमी दूर होती है, परिवारिक सामंजस्य बढ़ता है।
देवी पार्वती स्त्री शक्ति और सौभाग्य का सर्वोच्च रूप हैं। इस पूजा से सौभाग्य में वृद्धि, मानसिक शांति, स्वास्थ्य और ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है।
माँ पार्वती के सौम्य स्वरूप के आशीर्वाद से, संतान की इच्छा पूरी, गर्भधारण में बाधा निवारण और परिवार में नई खुशियों का आगमन होता है।
नेपाल के काठमांडू में गुह्येश्वरी मंदिर सिर्फ़ एक शक्तिपीठ नहीं है, बल्कि शिव और शक्ति के मिलन का एक दिव्य केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि देवी सती के शरीर का “गुह्य” (गुप्त) हिस्सा यहाँ गिरा था, जो सृष्टि, स्त्री शक्ति और हमेशा रहने वाले वैवाहिक सुख का प्रतीक है। यहाँ देवी पार्वती गुह्येश्वरी के रूप में निवास करती हैं। 51 शक्तिपीठों में से, यह पवित्र स्थान स्त्री ऊर्जा को जगाने और पारिवारिक जीवन में समृद्धि लाने के लिए विशेष रूप से पूजनीय है। क्योंकि “सृष्टि और सौभाग्य” से जुड़ा हिस्सा यहाँ गिरा था, इसलिए देवी को श्रृंगार चढ़ाने से विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं।
अगर कोई भक्त लगातार 16 सोमवार तक 16 श्रृंगार करता है, तो परिणाम और भी शक्तिशाली हो जाते हैं। पवित्र ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान शिव “अर्धनारीश्वर” हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें पुरुष और स्त्री दोनों ऊर्जाएँ हैं। जब भक्त देवी पार्वती को उनके श्रृंगार से प्रसन्न करते हैं, तो भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं। कहा जाता है कि शिव देवी की कोई भी प्रार्थना कभी मना नहीं करते, इसलिए उनकी खुशी स्वाभाविक रूप से शिव का आशीर्वाद लाती है। यही कारण है कि 16 श्रृंगार पूजा को शिव और शक्ति की संयुक्त कृपा पाने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक माना जाता है। 16 श्रृंगार और 16 सोमवार का यह मेल जीवन भर के सौभाग्य, वैवाहिक बाधाओं को दूर करने, प्रेम भरे रिश्तों और पारिवारिक सुख का मार्ग खोलता है।
नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के तट पर स्थित गुह्येश्वरी शक्तिपीठ हिंदू धर्म के 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र और रहस्यमयी स्थल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ माता सती के शरीर के ‘गुह्य’ भाग गिरा था। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ देवी की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक समतल भू-भाग के बीच एक छोटा सा छिद्र है जिसे कलश के रूप में पूजा जाता है। इस छिद्र से निरंतर जल का प्रवाह होता रहता है, जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहाँ की शक्ति ‘महामाया’ और भैरव ‘कपाल’ रूप में प्रतिष्ठित हैं।
यह मंदिर प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के अत्यंत निकट है और आध्यात्मिक दृष्टि से इन दोनों का गहरा संबंध है। कहा जाता है कि पशुपतिनाथ (शिव) के दर्शन तब तक पूर्ण नहीं माने जाते जब तक भक्त गुह्येश्वरी (शक्ति) के दर्शन न कर लें। तांत्रिक साधना के लिए यह मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है और यहाँ विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। काली तंत्र, चंडी तंत्र और शिव तंत्र रहस्य जैसे पवित्र ग्रंथों में इस मंदिर को तांत्रिक शक्ति प्राप्त करने के सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक माना गया है।
ViaVeda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप ViaVeda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
ViaVeda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, ViaVeda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





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