पूजा चुनें
पूजा का चयन करें
संकल्प फॉर्म
भुगतान विवरण
पूजा और प्रसाद वितरण
शनि साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव से होने वाले धन हानि एवं मानसिक चिंता से राहत के लिए
पूजा वीडियो प्राप्त करें
प्रसाद वितरण(* केवल भारत में उपलब्ध है)
4.6
Don’t miss out - Puja bookings close soon!

> संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा का कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा का कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।

> संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी पूज्यनीय सेवाओं का चयन कर अपनी आस्था को और विशेष बनाएं आपके नाम से संपन्न की जाएगी।
> निजी पूजा वीडियो: आपकी पूजा और अर्पण का उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
साढ़ेसाती के मध्य चरण को सबसे प्रभावशाली माना जाता है। यह विशेष पूजा शनि के अशुभ प्रभावों को शांत करने और जीवन में बढ़ती चुनौतियों को कम करने के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
यदि मन लगातार चिंतित रहता है, भविष्य को लेकर डर बना रहता है या मानसिक दबाव बढ़ गया है, तो शनि आराधना मन को स्थिरता और सकारात्मकता प्रदान करने में सहायक मानी जाती है।
साढ़ेसाती के दौरान अचानक खर्च, आर्थिक दबाव और धन हानि की स्थिति बन सकती है। मान्यता है कि शनि कृपा से आर्थिक संतुलन मजबूत होता है और अनावश्यक वित्तीय समस्याएं कम होने लगती हैं।
नौकरी में देरी, प्रमोशन रुकना, व्यापार में मंदी या कार्यों का बार-बार अटकना साढ़ेसाती के दौरान अनुभव किया जा सकता है। यह पूजा कार्यक्षेत्र में स्थिरता और प्रगति के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है।
शनि देव व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। यह पूजा मानसिक मजबूती, धैर्य और सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
वर्ष 2026 सिंह राशि के जातकों के लिए एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय दौर लेकर आया है। 29 मार्च 2025 को हुए शनि गोचर के बाद सिंह राशि शनि की साढ़ेसाती के अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साढ़ेसाती का अंतिम चरण व्यक्ति को पिछले कई वर्षों के कर्मों का परिणाम दिखाने वाला समय माना जाता है। इस दौरान जीवन में चल रही समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त होने की ओर बढ़ती हैं, लेकिन साथ ही मानसिक दबाव, आर्थिक चुनौतियां और भविष्य को लेकर चिंता भी महसूस हो सकती है।
इस समय कई सिंह राशि के जातकों को ऐसा लग सकता है कि मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। अचानक खर्च बढ़ना, धन संचय में कठिनाई, निवेश में सावधानी की आवश्यकता, पारिवारिक जिम्मेदारियों का बढ़ना और मन में अनावश्यक चिंता का बने रहना जैसी परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। कई बार व्यक्ति स्वयं को मानसिक रूप से थका हुआ और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति में भी महसूस कर सकता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सिंह राशि का स्वामी सूर्य है, जो आत्मविश्वास, नेतृत्व और सम्मान का कारक माना जाता है। वहीं शनि देव कर्म, अनुशासन और धैर्य के प्रतीक हैं। जब शनि का प्रभाव सिंह राशि पर बढ़ता है, तब व्यक्ति के आत्मविश्वास और परिस्थितियों के बीच संघर्ष की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि इस दौरान सम्मान, करियर, आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति से जुड़े विषय अधिक प्रभावित महसूस हो सकते हैं।
हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार साढ़ेसाती केवल कष्ट देने वाली नहीं होती, बल्कि व्यक्ति को अधिक परिपक्व, मजबूत और कर्मशील बनाने का अवसर भी देती है। शनि देव व्यक्ति को धैर्य, अनुशासन और सही निर्णय लेने की सीख देते हैं। इसलिए इस समय शनि आराधना और शांति उपायों को विशेष महत्व दिया जाता है। इन्हीं प्रभावों को शांत करने और शनि कृपा प्राप्त करने के लिए उज्जैन स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर में “सिंह राशि विशेष: शनि साढ़ेसाती निवारण पूजा” का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष पूजा उन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है जो इस समय धन हानि, मानसिक चिंता, करियर में रुकावट, अस्थिरता या लगातार आने वाली बाधाओं का अनुभव कर रहे हों।
इस विशेष अनुष्ठान में वैदिक मंत्रों, शनि मंत्र जाप और शांति विधि-विधान के साथ शनि देव की पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई यह पूजा शनि के अशुभ प्रभावों को शांत करने, मानसिक तनाव कम करने, आर्थिक स्थिरता बढ़ाने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक मानी जाती है। मान्यता है कि जब शनि देव की कृपा प्राप्त होती है, तब व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति, सही निर्णय लेने की क्षमता और जीवन में स्थिरता प्राप्त होने लगती है। यही कारण है कि सिंह राशि पर चल रही साढ़ेसाती के दौरान शनि पूजा को अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी माना जाता है।
उज्जैन का श्री नवग्रह शनि मंदिर नवग्रहों को समर्पित है, जिसमें विशेष रूप से शनि देव की पूजा की जाती है। शनि देव के मंदिरों को ऐसे स्थान माना जाता है, जहां भक्त शनि और अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभावों से बचाव के लिए प्रार्थना करते हैं और अपने कुंडली से जुड़े दोषों के उपाय खोजते हैं। तेज बहने वाली क्षिप्रा नदी के किनारे बसे उज्जैन शहर में स्थित यह मंदिर राजा विक्रमादित्य द्वारा बनवाया गया माना जाता है।
मान्यता है कि राजा ने शनि की साढ़ेसाती से राहत मिलने के बाद इस मंदिर का निर्माण कराया था। कहा जाता है कि विक्रम संवत की शुरुआत भी इसी मंदिर के निर्माण के बाद हुई थी। इस पवित्र स्थान पर शनि देव की पूजा भगवान शिव के रूप में की जाती है। भक्त यहां श्रद्धा से तेल अर्पित करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से शनि देव को प्रसन्न करता है, उसे कष्टों से सुरक्षा मिलती है और जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





WhatsApp us