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सावन अमावस्या पर गोकर्ण क्षेत्र में त्रिविध महाअनुष्ठान
गोकर्ण अमावस्या विशेष: नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध एवं तिल हवन

पूर्वजों के श्रापों से मुक्ति और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए

  • गोकर्ण तीर्थ क्षेत्र, कर्नाटक
  • August 12, Wednesday

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2 लाख+ श्रद्धालु

ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है Via Veda

क्या परिवार में बिना किसी स्पष्ट कारण के समस्याएँ बनी हुई हैं? इस अमावस्या, गोकर्ण में नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध और तिल हवन कर पूर्वजों की शांति एवं उनके आशीर्वाद की प्रार्थना करें।
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🌑 अमावस्या विशेष: नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध एवं तिल हवन

 

अमावस्या तिथि सनातन परंपरा में पूर्वजों के स्मरण, श्राद्ध, तर्पण और आत्मशांति के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किया गया पितृ पूजन दिवंगत पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनकी शांति की प्रार्थना का शुभ अवसर होता है। 🙏

 

यदि परिवार में लंबे समय से अशांति, बार-बार आने वाली बाधाएँ, आर्थिक रुकावटें, विवाह या संतान से जुड़ी कठिनाइयाँ अनुभव हो रही हों, तो धार्मिक परंपराओं में नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध और तिल हवन जैसे पितृ अनुष्ठानों के माध्यम से पूर्वजों की आत्मशांति और उनके आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है। 🕉️

 

इस विशेष अनुष्ठान में नारायण बलि दिवंगत आत्माओं की सद्गति एवं शांति के लिए, त्रिपिंडी श्राद्ध पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि एवं तर्पण के लिए, तथा तिल हवन आध्यात्मिक शुद्धि और पितृ तृप्ति की प्रार्थना के साथ संपन्न किया जाता है। 🔥🌿

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गोकर्ण तीर्थ क्षेत्र, कर्नाटक
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🕉️ गोकर्ण तीर्थ क्षेत्र – भगवान शिव के आत्मलिंग का पावन धाम

 

कर्नाटक के पश्चिमी तट पर स्थित गोकर्ण सनातन धर्म के सबसे पवित्र शिवधामों में से एक है। “दक्षिण काशी” के नाम से प्रसिद्ध यह तीर्थ भगवान महाबलेश्वर के आत्मलिंग का दिव्य निवास माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ स्वयं भगवान शिव आत्मलिंग स्वरूप में विराजमान हैं, जिससे यह भूमि अपार आध्यात्मिक शक्ति और दिव्यता का केंद्र बन गई है। 🕉️🙏

पुराणों के अनुसार, रावण भगवान शिव से प्राप्त आत्मलिंग को लंका ले जा रहा था, किंतु देवताओं की लीला से वह गोकर्ण में स्थापित हो गया। तभी से यह धाम भगवान शिव की विशेष कृपा का केंद्र माना जाता है। 🌺

 

🌿 गोकर्ण विशेष रूप से श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और पितृ कर्मों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहाँ किए गए पितृ अनुष्ठानों से पूर्वजों की आत्मशांति और तृप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है तथा परिवार के सुख, शांति और मंगल की कामना की जाती है।

 

🌑 विशेषकर अमावस्या के पावन अवसर पर यहाँ नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध और तिल हवन का अनुष्ठान अत्यंत शुभ माना जाता है।

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पूजा के लाभ

पितृ दोष और पूर्वजों के श्रापों से मुक्ति

शास्त्रों के अनुसार, नारायण बलि और त्रिपिंडी श्राद्ध पितृ दोषों के निवारण के लिए अत्यंत प्रभावशाली अनुष्ठान माने जाते हैं। इन अनुष्ठानों के माध्यम से पूर्वजों की अधूरी इच्छाओं की शांति की प्रार्थना की जाती है, जिससे जीवन में आने वाली बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव कम होने लगते हैं।

दिवंगत आत्माओं की शांति और सद्गति की प्राप्ति

यदि किसी पूर्वज की आत्मा असंतुष्ट हो या उसे पूर्ण शांति प्राप्त न हुई हो, तो नारायण बलि और तिल हवन उसके कल्याण के लिए विशेष रूप से किए जाते हैं। मान्यता है कि इससे दिवंगत आत्माओं को शांति और उच्च लोकों की प्राप्ति में सहायता मिलती है।

परिवार में सुख, समृद्धि और वंश की उन्नति

पितरों की कृपा को परिवार की समृद्धि का प्रमुख आधार माना गया है। जब पूर्वज संतुष्ट होते हैं, तब परिवार में आर्थिक उन्नति, सुख-शांति और संतानों की प्रगति के मार्ग प्रशस्त होने लगते हैं।

जीवन की बाधाओं और रुके हुए कार्यों का निवारण

कई बार लगातार प्रयासों के बावजूद कार्यों में सफलता नहीं मिलती या जीवन में बार-बार रुकावटें आती हैं। शास्त्रों के अनुसार, ऐसे समय में पितृ शांति के लिए किए गए अनुष्ठान जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और प्रगति का मार्ग खोलने वाले माने जाते हैं।

मानसिक शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक संरक्षण

अमावस्या पर किए गए पितृ कर्म और हवन साधक को मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाले माने जाते हैं। पितरों और भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव प्राप्त होता है।

पूजा में कैसे भाग लें?
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पूजा पर लघु दर्शन वीडियो साझा किया जाएगा तिथि. नाम-गोत्र सहित पूरा वीडियो भेजा जाएगा 2-3 दिनों के भीतर व्हाट्सएप पर।
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मंदिर से प्रामाणिक प्रसाद 7-10 दिनों के भीतर वितरित किया जाएगा।
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मुख्य विशेषताएं

संकल्प के दौरान, हमारे पंडित जी 2 भक्तों के नाम और पारिवारिक गोत्र का उच्चारण करेंगे।

आप अपने नाम से वस्त्र दान, गौ सेवा, या चढ़ावा सेवा जैसे अतिरिक्त विकल्पों को चुन सकते हैं।

आपकी पूजा और चढ़ावे का वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।

8-10 दिनों के भीतर, आपको विया वेदा द्वारा मुफ्त में प्रसाद, पवित्र धागा और अन्य पवित्र वस्तुओं के साथ एक दिव्य आशीर्वाद बॉक्स मिलेगा।

पूजा की मुख्य विशेषताएं
उपयोगकर्ताओं की समीक्षाएँ

2 लाख+ श्रद्धालुओं ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है।

• 2026/04/16

Vishnu temple rituals looked authentic and beautifully performed throughout today.

• 2026/04/04

Lakshmi puja brought positive feelings and happiness to our family.

• 2025/12/24

Shani puja was good only the video arrived a little late.

• 2026/02/17

Hanuman Ji seva was completed exactly as promised with great care.

• 2025/08/23

The Mahadev puja video filled our hearts with peace and devotion.

• 2025/10/24

लक्ष्मी पूजा का अनुभव परिवार के लिए बहुत शुभ रहा।

• 2025/06/30

माँ काली की पूजा देखकर मन सचमुच भावुक हो गया।

• 2025/10/03

शनि पूजा अच्छी रही, वीडियो थोड़ा देर से मिला लेकिन संतोष हुआ।

• 2026/02/21

हनुमान जी की सेवा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हुई।

• 2025/09/29

महादेव की पूजा देखकर मन को बहुत शांति और संतोष मिला।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।

यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076  पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई  पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।

हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

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