Geo val not found
पूजा चुनें
पूजा का चयन करें
भुगतान विवरण
संकल्प फॉर्म
पूजा और प्रसाद वितरण
सर्प (नाग) दोष के बुरे प्रभावों को दूर करने और पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति के लिए
पूजा वीडियो प्राप्त करें
प्रसाद वितरण(* केवल भारत में उपलब्ध है)
4.6
Don’t miss out - Puja bookings close soon!

> During the Sankalp, our Pandit Ji will recite 1 devotee name and family gotra.
> You may opt for additional offerings like Vastra Daan, Gau Seva, or Chadawa Sewa in your name.
> A video of your puja and offerings will be shared via your WhatsApp number.
> Within 8–10 days, you’ll receive a Divine Aashirwad Box with Prashad, Sacred Thread, and other holy items delivered free by Via Veda.
> During the Sankalp, our Pandit Ji will recite 2 devotees name and family gotra.
> You may opt for additional offerings like Vastra Daan, Gau Seva, or Chadawa Sewa in your name.
> A video of your puja and offerings will be shared via your WhatsApp number.
> Within 8–10 days, you’ll receive a Divine Aashirwad Box with Prashad, Sacred Thread, and other holy items delivered free by Via Veda.
> During the Sankalp, our Pandit Ji will recite 6 devotees name and family gotra.
> You may opt for additional offerings like Vastra Daan, Gau Seva, or Chadawa Sewa in your name.
> A video of your puja and offerings will be shared via your WhatsApp number.
> Within 8–10 days, you’ll receive a Divine Aashirwad Box with Prashad, Sacred Thread, and other holy items delivered free by Via Veda.

> Personalized Sankalp:During the puja,Pandit Ji will chant your name and family Gotra
> Exclusive Sevas: Elevate your offering with options like Vastra Daan, Gau Seva, or Chadawa Sewa performed in your name.
> Private Puja Video: Receive a high-quality video of your puja and offerings via your registered WhatsApp number.
> Complimentary Aashirwad Box: Within 8–10 days, receive a VIP Divine Aashirwad Box with Prashad, sacred thread, and holy items delivered free by Via Veda.
आश्लेषा नागबलि पूजा का मुख्य उद्देश्य कुंडली में उपस्थित नाग दोष या सर्प दोष के अशुभ प्रभावों को शांत करना है। मान्यता है कि इस अनुष्ठान से जीवन में आने वाली अनेक बाधाएं और रुकावटें दूर होने लगती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वर्तमान या पूर्व जन्मों में नागों को हुई किसी भी प्रकार की हानि से उत्पन्न दोष इस पूजा के माध्यम से शांत किए जा सकते हैं। यह अनुष्ठान क्षमा याचना और आध्यात्मिक शुद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में नाग दोष को विवाह में देरी, संतान सुख में बाधा और करियर में रुकावटों का एक प्रमुख कारण माना गया है। नागबलि पूजा इन समस्याओं को कम करने और जीवन में अनुकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न करने में सहायक मानी जाती है।
नाग देवताओं की कृपा से घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पूजा पारिवारिक कलह, तनाव और अस्थिरता को दूर कर सुख-शांति और समृद्धि बढ़ाने वाली मानी जाती है।
कृतिका नक्षत्र के पावन अवसर पर संपन्न यह अनुष्ठान भगवान कार्तिकेय और नाग देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है। इससे साधक को आध्यात्मिक संरक्षण, सकारात्मकता और जीवन में प्रगति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सनातन धर्म में नाग देवताओं को दिव्य शक्तियों का प्रतीक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार नाग केवल पृथ्वी और पाताल लोक के रक्षक ही नहीं, बल्कि कर्मों के सूक्ष्म फल देने वाले देवता भी माने जाते हैं। इसलिए नागों का अनादर, उन्हें हानि पहुँचाना अथवा पिछले जन्मों में उनसे जुड़े किसी भी प्रकार के दोष को ज्योतिष और धर्मशास्त्र में ‘सर्प दोष’ या ‘नाग दोष’ के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि सर्प दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में विवाह में विलंब, संतान प्राप्ति में बाधा, आर्थिक अस्थिरता, मानसिक तनाव और बार-बार आने वाली रुकावटों जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
इन दोषों के निवारण के लिए आश्लेषा नागबलि पूजा को अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना गया है। यह पूजा विशेष रूप से नाग देवताओं को प्रसन्न करने और उनसे क्षमा याचना करने के उद्देश्य से की जाती है। इस अनुष्ठान में नाग देवताओं की प्रिय वस्तुएँ जैसे दूध, पुष्प, अक्षत एवं अन्य पूजनीय सामग्री अर्पित की जाती हैं तथा वैदिक मंत्रों के माध्यम से उनके आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है। मान्यता है कि इससे सर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि तथा सकारात्मकता का संचार होता है।
इस पूजा का महत्व कृतिका नक्षत्र के पावन अवसर पर और भी बढ़ जाता है। वैदिक ज्योतिष में कृतिका नक्षत्र को अग्नि तत्व, शुद्धि, कर्मों के परिमार्जन और नई शुरुआत का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कार्तिकेय का पालन-पोषण छह कृत्तिका माताओं ने किया था, इसलिए कृतिका नक्षत्र का भगवान कार्तिकेय से विशेष संबंध माना जाता है। भगवान कार्तिकेय को नाग देवताओं के अधिपति एवं रक्षक के रूप में भी पूजा जाता है। मान्यता है कि कृतिका नक्षत्र में भगवान कार्तिकेय और नाग देवताओं की आराधना करने से सर्प दोष के प्रभाव शीघ्र शांत होते हैं तथा साधक को आध्यात्मिक संरक्षण, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए कृतिका नक्षत्र और आश्लेषा नागबलि पूजा का यह संयोग अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।
इसी शुभ अवसर पर कर्नाटक के पवित्र गोकर्ण तीर्थ क्षेत्र में आश्लेषा नागबलि पूजा का विशेष आयोजन किया जा रहा है। गोकर्ण को भारत के सात प्रमुख मुक्ति क्षेत्रों (सप्त मुक्ति क्षेत्र) में स्थान प्राप्त है और यह स्थान अपने शक्तिशाली आध्यात्मिक अनुष्ठानों तथा पाप निवारण साधनाओं के लिए प्रसिद्ध है। इस विशेष पूजा में साधक के नाम से संकल्प लेकर नाग देवताओं का पूजन, प्रार्थना और दोष निवारण अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा तथा जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाएगी।
कर्नाटक के पश्चिमी तट पर स्थित गोकर्ण भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शिव तीर्थों में से एक माना जाता है। यह स्थान भगवान महाबलेश्वर के दिव्य आत्मलिंग के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध है और इसे सनातन धर्म के सात प्रमुख मुक्ति क्षेत्रों (सप्त मुक्ति क्षेत्र) में स्थान प्राप्त है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण द्वारा लाए गए आत्मलिंग की स्थापना इसी पवित्र भूमि पर हुई थी, जिसके कारण गोकर्ण को असाधारण आध्यात्मिक ऊर्जा और मोक्ष प्रदान करने वाला क्षेत्र माना जाता है।
गोकर्ण केवल शिव भक्ति का केंद्र ही नहीं, बल्कि पितृ दोष, नाग दोष और अन्य कर्मजनित बाधाओं के निवारण के लिए भी अत्यंत प्रसिद्ध है। सदियों से श्रद्धालु यहां विशेष अनुष्ठान, तर्पण, श्राद्ध और दोष निवारण पूजाएं संपन्न कराते आए हैं। मान्यता है कि इस पवित्र भूमि पर श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए धार्मिक कर्म कई गुना अधिक फल प्रदान करते हैं।
विशेष रूप से नाग पूजा और नागबलि जैसे अनुष्ठानों के लिए गोकर्ण का महत्व अत्यधिक माना जाता है। समुद्र, पर्वत और दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से घिरा यह तीर्थ क्षेत्र साधकों को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यही कारण है कि देशभर से श्रद्धालु सर्प दोष निवारण और पूर्व जन्मों के कर्मों से मुक्ति की कामना लेकर इस पवित्र धाम में आते हैं।
Via Veda is a digital platform that provides you the opportunity to benefit from religious services. Through this, you can contribute to Gau Seva, Annadaan and temple reconstruction. Moreover, you can consult experienced astrologers and get services like horoscope, numerology and Vastu.
Maintain mental and physical purity on the day of Puja, observe celibacy, and remember your chosen deity. You will be informed about the Puja process in advance, and a recorded video of the Puja will be sent to you afterward.
If you want more information about Puja, you can contact Via Veda customer support number +91 96676 33379. Our team is ready to assist you in every possible way.
Via Veda is a trustworthy platform that provides you the opportunity to perform Puja from home. After your Puja booking, the ritual will be performed by qualified priests at an auspicious time. Afterward, prasad and a video of the Puja performed with your name and lineage will be sent to your registered WhatsApp number.
After booking the Puja, our team will contact you within 24 hours and take your name, lineage, and other details. You can also obtain other information about the Puja from the team.
There is not much difference between the process of online and offline worship. In both, the same priest performs the puja according to your name and Gotra. This means that in Napoleon (offline) Puja you are physically located in the temple, whereas in offline puja you get this facility sitting at home. Recorded video of the puja will be sent to you later.
Yes, a recorded video of the Puja performed by Via Veda will be sent to your provided WhatsApp number.





WhatsApp us