Geo val not found श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ एवं तुलसी दल अर्चन - puja.viaveda.in
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पूजा और प्रसाद वितरण

श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ एवं तुलसी दल अर्चन

88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्यफल की प्राप्ति, कुष्ठ रोग और शारीरिक कष्टों से मुक्ति

  • बद्रीनाथ धाम तीर्थ क्षेत्र, उत्तराखण्ड
  • July 11, Saturday

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प्रसाद वितरण(* केवल भारत में उपलब्ध है)

4.6

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एक व्यक्ति
एक व्यक्ति
1 भक्त के लिए
₹ 851
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पार्टनर के साथ
पार्टनर के साथ
2 भक्तो के लिए
₹ 1251
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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परिवार
परिवार
6 भक्तो के लिए
₹ 3001
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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वीआईपी
वीआईपी
व्यक्तिगत पूजा
₹ 11000
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पूजा की मुख्य विशेषताएं
पूजा के लाभ
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पद्म पुराण के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत एवं भगवान विष्णु की आराधना करने से 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्यफल प्राप्त होने की मान्यता है।

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योगिनी एकादशी की कथा में वर्णित है कि भगवान विष्णु की कृपा से हेममाली को कुष्ठ रोग एवं श्राप से मुक्ति प्राप्त हुई थी। इसलिए यह एकादशी शारीरिक कष्टों और रोगों से राहत की कामना के लिए विशेष शुभ मानी जाती है।

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श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ और तुलसी दल अर्चन के माध्यम से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना की जाती है। उनकी कृपा से जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और शुभता का संचार होने की मान्यता है।

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भगवान विष्णु को श्रद्धापूर्वक तुलसी दल अर्पित करने से उचित इच्छाओं की पूर्ति, आर्थिक समृद्धि तथा पारिवारिक सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है।

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यह विशेष पूजा साधक और उसके परिवार के स्वास्थ्य, सुरक्षा, आध्यात्मिक उन्नति तथा धर्ममय जीवन की कामना के साथ संपन्न की जाती है। भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सकारात्मकता, संतोष और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त होने की मान्यता है।

पूजा के बारे में
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सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की उपासना के लिए सबसे पवित्र एवं फलदायी तिथियों में से एक मानी जाती है। इनमें योगिनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। पद्म पुराण के अनुसार इस एकादशी का व्रत एवं भगवान विष्णु की आराधना करने से 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्यफल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता है कि यह एकादशी पापों के प्रभाव को कम करने, शारीरिक कष्टों से राहत और आध्यात्मिक शुद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है।

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मंदिर के बारे में
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उत्तराखण्ड में अलकनंदा नदी के पावन तट पर स्थित श्री बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु के प्रमुख तीर्थों में से एक है, जिसे धरती का बैकुंठ कहा जाता है। यह चारधाम एवं छोटा चारधाम यात्रा का अत्यंत महत्वपूर्ण धाम है। धार्मिक मान्यता है कि यहां भगवान बद्रीविशाल के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश, आध्यात्मिक उन्नति तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु के 108 दिव्य देशमों (दिव्य देशम्) में भी सम्मिलित है। यहां स्थित तप्त कुंड, ब्रह्म कपाल और नर-नारायण पर्वत इस तीर्थ की आध्यात्मिक महिमा को और अधिक बढ़ाते हैं। सदियों से लाखों श्रद्धालु भगवान विष्णु की कृपा, पापों से मुक्ति, पारिवारिक सुख तथा मोक्ष की कामना लेकर इस दिव्य धाम में दर्शन करने आते हैं।

हिंदू धर्म में मान्यता है कि बद्रीनाथ को मोक्ष धाम भी कहते हैं, मान्यता है कि इनके दर्शन मात्र से व्यक्ति जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। बद्रीनाथ में स्थित ‘ब्रह्म कपाल’ स्थान पितरों के तर्पण के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, जहाँ पांडवों ने भी अपने पितरों का पिंडदान किया था। मन्दिर के पास ही स्थित तप्त कुंड का पानी अत्यधिक ठंड में भी हमेशा गर्म रहता है, जिसमें स्नान करना पाप मुक्ति के लिए अनिवार्य माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।

यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076  पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई  पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।

हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा में कैसे भाग लें?
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संकल्प फॉर्म भरे
प्रसाद का नाम, गोत्र, प्रसाद वितरण पता और पूजा इच्छा दर्ज करें
पूजा तिथि पर - पूजा वीडियो देखें
पूजा पर लघु दर्शन वीडियो साझा किया जाएगा तिथि. नाम-गोत्र सहित पूरा वीडियो भेजा जाएगा 2-3 दिनों के भीतर व्हाट्सएप पर।
प्रसाद घर पर पहुंचाया जाएगा
मंदिर से प्रामाणिक प्रसाद 7-10 दिनों के भीतर वितरित किया जाएगा।

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