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अकाल मृत्यु और बड़ी दुर्घटनाओं से रक्षा एवं बाधाओं का नाश
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> संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> 8–10 दिनों के भीतर, आपको प्रसाद, रक्षा सूत्र और अन्य पवित्र वस्तुओं से युक्त दिव्य आशीर्वाद बॉक्स नि:शुल्क Via Veda द्वारा आपके पते पर भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
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> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा का कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
> संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
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> पूजा और अर्पण का पूरा वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा का कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
> संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी पूज्यनीय सेवाओं का चयन कर अपनी आस्था को और विशेष बनाएं आपके नाम से संपन्न की जाएगी।
> निजी पूजा वीडियो: आपकी पूजा और अर्पण का उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
रुद्रसूक्तम् पाठ, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप को भगवान शिव की सबसे शक्तिशाली रक्षात्मक साधनाओं में माना जाता है। मान्यता है कि कैलाश महाकुंभ और पूर्णिमा के इस दुर्लभ संयोग में किया गया यह अनुष्ठान साधक को अकाल मृत्यु, बड़ी दुर्घटनाओं, भय और अनहोनी से रक्षा प्रदान करता है। कहा जाता है कि जब महादेव प्रसन्न होते हैं, तो उनका दिव्य संरक्षण भक्त के जीवन में सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है।
यदि जीवन में बार-बार रुकावटें आ रही हों, कार्य बनते-बनते बिगड़ जाते हों या लगातार मानसिक भारीपन और नकारात्मकता महसूस होती हो, तो कैलाश में किया गया रुद्राभिषेक अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। मान्यता है कि रुद्रसूक्तम् पाठ और शिव आराधना से अदृश्य बाधाएं शांत होने लगती हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने शुरू हो जाते हैं।
कैलाश को शिव और शक्ति—दोनों का दिव्य निवास माना जाता है। इस पावन भूमि में किया गया यह अनुष्ठान साधक को भगवान शिव की शक्ति और माता पार्वती की करुणा दोनों का आशीर्वाद प्रदान करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार पर आने वाले संकट कम होते हैं, दांपत्य जीवन में सुख-शांति बढ़ती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मानसरोवर का पवित्र जल आत्मा को शुद्ध करने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि यहां की गई पूजा, साधना और मानसरोवर जल का स्पर्श जन्म-जन्मांतर के पापों के प्रभाव को कम कर साधक को आध्यात्मिक शुद्धि और मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ाता है।
वर्ष 2026 का कैलाश महाकुंभ अश्व वर्ष (Horse Year) में आ रहा है, जिसे अत्यंत दुर्लभ और शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस काल में कैलाश में की गई पूजा, जप और रुद्राभिषेक सामान्य वर्षों की तुलना में 13 गुना अधिक पुण्य और आध्यात्मिक फल प्रदान करते हैं। यही कारण है कि इस अवसर को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय माना जाता है।
सनातन धर्म में भगवान शिव को मृत्यु, समय और सम्पूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। लेकिन कैलाश महादेव का निवास स्थान माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कैलाश की पवित्र धरा पर की गई प्रार्थना सीधे भगवान शिव तक पहुंचती है। वैसे इस साल यह और भी फलदायी होगी क्योंकि इस वर्ष कैलाश महाकुंभ अत्यंत दुर्लभ और अलौकिक संयोग बन रहा है, क्योंकि यह अश्व वर्ष (Horse Year) में आ रहा है। ऐसे में इस वर्ष यहा की गई पूजा और साधना सामान्य वर्षों की तुलना में 13 गुना अधिक पुण्य फल प्रदान करती है। यही कारण है कि दुनियाभर के शिव भक्त इस दिव्य अवसर को जीवन में एक बार मिलने वाला महाशुभ समय मान रहे हैं। वहीं विशेष रूप से पूर्णिमा तिथि पर इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की दिव्य ऊर्जा और कैलाश की आध्यात्मिक शक्ति मिलकर साधना और शिव आराधना को कई गुना अधिक प्रभावशाली बना देती है। कहा जाता है कि इस दिन कैलाश में की गई शिव अराधना साधक के जीवन से नकारात्मकता, भय और बाधाओं को दूर कर उसे विशेष शिव कृपा प्रदान करता है। इसी अत्यंत दुर्लभ और पावन अवसर पर वायावेदा कैलाश मानसरोवर रुद्रसूक्तम् पाठ, रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय जाप का भव्य आयोजन कराने जा रहा है।
शास्त्रों में रुद्रसूक्तम् पाठ को भगवान शिव की सबसे प्रभावशाली वैदिक स्तुतियों में से एक माना गया है, जबकि महामृत्युंजय मंत्र को मृत्यु, रोग, भय और बड़ी से बड़ी बाधाओं को शांत करने वाला दिव्य मंत्र बताया गया है। मान्यता है कि जब कैलाश की दिव्य भूमि ऊर्जा में रुद्राभिषेक, रुद्रसूक्तम् पाठ और महामृत्युंजय जाप एक साथ किए जाते हैं, तो साधक को अकाल मृत्यु, बड़ी दुर्घटनाओं, नकारात्मक शक्तियों और जीवन के संकटों से विशेष सुरक्षा प्राप्त होती है। इस विशेष अनुष्ठान में साधक के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर वैदिक विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक, रुद्रसूक्तम् पाठ और महामृत्युंजय मंत्र जाप संपन्न किया जाएगा।
इसके अलावा पूजा में भाग लेने वाले भक्तों को विशेष रूप से कैलाश मानसरोवर का जल एवं नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से सिद्ध किया हुआ रूद्राक्ष नि:शुल्क उनके घर भेजा जाएगा। मान्यता है कि, मानसरोवर झील में डुबकी लगाने या इसके पवित्र जल का सेवन करने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कैलाश मानसरोवर को सनातन धर्म में केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि स्वयं भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य निवास माना गया है। हिमालय की गोद में स्थित यह पवित्र धाम हजारों वर्षों से साधकों, ऋषियों और शिव भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कैलाश पर्वत पर भगवान शिव समाधि में लीन रहते हैं और यही से सम्पूर्ण सृष्टि का संतुलन संचालित होता है। इसी कारण कैलाश को पृथ्वी का सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। 22,028 फीट ऊंचा बर्फ से आच्छादित कैलाश पर्वत और उसके समीप स्थित दिव्य मानसरोवर झील मिलकर ऐसी अलौकिक ऊर्जा का निर्माण करते हैं, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन माना जाता है।
मान्यता है कि मानसरोवर झील की उत्पत्ति स्वयं भगवान ब्रह्मा के मन से हुई थी, इसलिए इसे “मन की पवित्रता” और “आत्मिक शुद्धि” का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि ब्रह्म मुहूर्त में देवता इस पवित्र झील में स्नान करते हैं और यहां की दिव्य ऊर्जा साधक के मन, आत्मा और कर्मों को शुद्ध करने की शक्ति रखती है। शिव भक्तों के लिए कैलाश मानसरोवर केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मा को शिव चेतना से जोड़ने का दिव्य अनुभव माना जाता है, जहां पहुंचकर व्यक्ति को अद्भुत शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





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