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> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
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> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा का कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
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> संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी पूज्यनीय सेवाओं का चयन कर अपनी आस्था को और विशेष बनाएं आपके नाम से संपन्न की जाएगी।
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> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
चंद्र बीज मंत्र का जाप मन को स्थिर और शांत करने वाला माना जाता है। पूर्णिमा के शुभ प्रभाव के साथ यह अनुष्ठान मानसिक तनाव, चिंता, क्रोध और भावनात्मक अस्थिरता को कम करने में सहायक माना जाता है तथा साधक के जीवन में शांति और संतुलन स्थापित करता है।
महामृत्युंजय मंत्र को आरोग्य और जीवन शक्ति का मंत्र कहा गया है। मान्यता है कि इसके जाप और हवन से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं से राहत प्राप्त करने की कृपा मिलती है।
ज्योतिष शास्त्र में कमजोर या पीड़ित चंद्रमा मानसिक तनाव, भ्रम और अस्थिरता का कारण माना जाता है। चंद्र बीज मंत्र जाप चंद्र ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों को शांत करने तथा मन में स्थिरता और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।
जब मन शांत और संतुलित होता है, तब पारिवारिक संबंध भी मधुर बनते हैं। इस विशेष अनुष्ठान के माध्यम से परिवार में प्रेम, सहयोग, सुख और भावनात्मक सामंजस्य की कामना की जाती है।
भगवान शिव की कृपा और पूर्णिमा की दिव्य ऊर्जा साधक को नकारात्मक विचारों और भय से मुक्त कर सकारात्मकता, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता प्रदान करने वाली मानी जाती है। यह पूजा जीवन में शांति, संतुलन और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ माध्यम मानी जाती है।
सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को अत्यंत शुभ और दिव्य माना गया है। यह वह पावन समय होता है जब चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं से युक्त होकर पृथ्वी पर शीतलता, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन का प्रभाव प्रदान करता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति और स्वास्थ्य का कारक ग्रह माना गया है। इसलिए पूर्णिमा के दिन भगवान शिव और चंद्रदेव की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए जप, तप और हवन से मानसिक तनाव, भय, अस्थिरता तथा नकारात्मक विचारों से मुक्ति प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति एवं स्वास्थ्य का संचार होता है।
इसी पावन अवसर पर काशी के मणिकर्णिका घाट स्थित श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर में 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप, 10,000 चंद्र बीज मंत्र जाप एवं हवन का विशेष आयोजन किया जा रहा है। महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का सर्वाधिक प्रभावशाली मंत्र माना जाता है, जो साधक को स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु और जीवन की चुनौतियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करने वाला माना जाता है। वहीं चंद्र बीज मंत्र का जाप मन को शांत करने, भावनात्मक संतुलन स्थापित करने तथा मानसिक तनाव और चंद्र दोष के प्रभावों को कम करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है।
इस अनुष्ठान का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पूजा काशी के पवित्र मणिकर्णिका घाट पर स्थित श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर में संपन्न होगी। पारदेश्वर शिवलिंग को भगवान शिव का अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली स्वरूप माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि पारद (पारा) से निर्मित शिवलिंग के दर्शन और पूजा से साधक को स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। काशी स्वयं भगवान शिव की नगरी मानी जाती है, जहां किया गया प्रत्येक धार्मिक अनुष्ठान अनेक गुना पुण्यफल प्रदान करने वाला माना गया है।
इस विशेष अनुष्ठान में साधक के नाम से संकल्प लेकर 11,000 महामृत्युंजय मंत्रों का जाप, 10,000 चंद्र बीज मंत्रों का जाप तथा वैदिक विधि-विधान से हवन संपन्न किया जाएगा। भगवान शिव और चंद्रदेव से प्रार्थना की जाएगी कि वे साधक एवं उसके परिवार को उत्तम मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और जीवन में शांति का आशीर्वाद प्रदान करें। यदि आप मानसिक तनाव, भावनात्मक अस्थिरता, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं या जीवन में बढ़ती नकारात्मकता से मुक्ति प्राप्त करना चाहते हैं, तो पूर्णिमा के इस दिव्य अवसर पर काशी में आयोजित यह विशेष अनुष्ठान आपके लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
उत्तर प्रदेश के काशी नगरी में स्थित श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के अत्यंत पूजनीय और अद्भुत मंदिरों में से एक है। यह मंदिर पवित्र मणिकर्णिका घाट के समीप स्थित है, जिसे सनातन परंपरा में मोक्षभूमि और भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति का केंद्र माना जाता है। यहां स्थापित पारदेश्वर शिवलिंग विशेष रूप से पारद (पारे) से निर्मित होने के कारण अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली माना जाता है।
शास्त्रों में वर्णित है कि पारदेश्वर शिवलिंग की पूजा करने से साधक को अनेक यज्ञों और तीर्थों के समान पुण्य प्राप्त होता है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं इस स्वरूप में भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं। काशी को भगवान शिव का शाश्वत निवास कहा जाता है और ऐसी मान्यता है कि यहां मृत्यु को भी मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।
मणिकर्णिका घाट का महत्व भी अत्यंत विशेष है। पुराणों के अनुसार, यह स्थान भगवान शिव और माता पार्वती की दिव्य लीला से जुड़ा हुआ है। सदियों से साधु-संत, ऋषि-मुनि और श्रद्धालु यहां साधना एवं शिव उपासना करते आए हैं। विशेष रूप से सोमवती अमावस्या जैसे दुर्लभ योगों में यहां की गई पूजा और अभिषेक अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर आज भी शिव भक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य कृपा का जीवंत केंद्र माना जाता है।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





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