पूजा चुनें
पूजा का चयन करें
भुगतान विवरण / संकल्प फॉर्म
पूजा और प्रसाद वितरण
दिवंगत मातृ पूर्वजों की तृप्ति, पितृ दोष शांति एवं परिवार कल्याण के लिए
मौका न चूकें - पूजा बुकिंग जल्द ही बंद हो रही है!
2 लाख+ श्रद्धालु
ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है Via Veda
🙏 मातृ नवमी का क्या विशेष महत्व है?
पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी के नाम से विशेष रूप से जाना जाता है। धार्मिक परंपरा में यह तिथि परिवार की दिवंगत मातृ शक्तियों—माता, दादी, नानी एवं अन्य दिवंगत महिला पूर्वजों—के श्रद्धापूर्वक स्मरण और उनके निमित्त श्राद्ध कर्म के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन उनके निमित्त पिंडदान, श्राद्ध एवं तर्पण कर उनकी तृप्ति, शांति और सद्गति की प्रार्थना की जाती है। मातृ नवमी हमें उन मातृ पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित करने का विशेष अवसर प्रदान करती है, जिनके स्नेह, संस्कार और आशीर्वाद से परिवार और वंश आगे बढ़ता है।
🕉️ मातृ नवमी पर काशी और गया का द्वि-तीर्थ महानुष्ठान क्यों है विशेष?
इस अनुष्ठान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मातृ नवमी का पितृ कर्म केवल एक स्थान पर नहीं, बल्कि दो प्रमुख पितृ एवं मोक्ष तीर्थ—काशी और गया में संपन्न किया जाएगा। काशी के पिशाच मोचन कुंड में पिंडदान एवं त्रिपिंडी श्राद्ध के माध्यम से पूर्वजों की शांति और पितृ दोष शांति की प्रार्थना की जाएगी।
वहीं गया के सीता कुंड में तिल तर्पण के माध्यम से विशेष रूप से दिवंगत मातृ पूर्वजों की तृप्ति एवं सद्गति की कामना की जाएगी। इस प्रकार एक ही संकल्प के अंतर्गत काशी की मोक्ष परंपरा और गया की पितृ कर्म परंपरा से जुड़ना इस मातृ नवमी महानुष्ठान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।
🔱 पिशाच मोचन कुंड में त्रिपिंडी श्राद्ध एवं पिंडदान का क्या महत्व है?
काशी को सनातन परंपरा के प्रमुख मोक्ष तीर्थों में माना जाता है और यहां स्थित पिशाच मोचन कुंड विशेष रूप से पितृ कर्म एवं पितृ दोष शांति से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। त्रिपिंडी श्राद्ध में पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण कर उनकी तृप्ति एवं शांति के लिए विशेष पितृ कर्म किया जाता है। वहीं पिंडदान के माध्यम से दिवंगत पूर्वजों के निमित्त श्रद्धा अर्पित कर उनकी सद्गति की प्रार्थना की जाती है। मातृ नवमी पर यहां इन पितृ कर्मों के माध्यम से मातृ पूर्वजों सहित परिवार के दिवंगत पूर्वजों की शांति और पितृ दोष से जुड़े प्रतिकूल प्रभावों की शांति की कामना की जाएगी।
🌿 मातृ नवमी पर गया के सीता कुंड का क्या विशेष महत्व है?
गया को सनातन परंपरा में पितृ कर्म के सबसे प्रमुख तीर्थों में माना जाता है। गया स्थित सीता कुंड का संबंध माता सीता और राजा दशरथ के पितृ कर्म से जुड़ी प्रसिद्ध धार्मिक परंपरा से माना जाता है। मान्यता के अनुसार, गया क्षेत्र में माता सीता ने अपने ससुर राजा दशरथ के निमित्त पिंड अर्पित किया था। इसी कारण मातृ नवमी जैसे विशेष अवसर पर सीता कुंड का जुड़ना इस अनुष्ठान को एक विशेष भाव प्रदान करता है—एक मातृ स्वरूप द्वारा पूर्वज के प्रति श्रद्धा और पितृ धर्म के निर्वाह का भाव। यहां तिल तर्पण के माध्यम से दिवंगत मातृ पूर्वजों का स्मरण कर उनकी तृप्ति, शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना की जाएगी।
💧 पिंडदान, त्रिपिंडी श्राद्ध एवं तिल तर्पण—तीनों का संयोग क्यों विशेष है?
इस महानुष्ठान में तीन महत्वपूर्ण पितृ कर्मों को एक साथ जोड़ा गया है। पिंडदान के माध्यम से पूर्वजों के निमित्त श्रद्धा अर्पित की जाएगी, त्रिपिंडी श्राद्ध के माध्यम से उनकी शांति एवं पितृ दोष शांति की प्रार्थना की जाएगी और तिल तर्पण के माध्यम से तिल एवं जल अर्पित कर उनकी तृप्ति की कामना की जाएगी। मातृ नवमी पर दो पवित्र तीर्थों में इन तीन पितृ कर्मों का संयोग दिवंगत मातृ पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण अर्पित करने का विशेष अवसर है।
🙏 इस मातृ नवमी द्वि-तीर्थ महानुष्ठान में क्या होगा?
इस विशेष अनुष्ठान में आपके नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर दिवंगत मातृ पूर्वजों एवं परिवार के पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा। काशी के पिशाच मोचन कुंड में पिंडदान एवं त्रिपिंडी श्राद्ध और गया के सीता कुंड में तिल तर्पण संपन्न किया जाएगा। इन पितृ कर्मों के माध्यम से दिवंगत मातृ पूर्वजों की तृप्ति एवं सद्गति, पितृ दोष शांति, मातृ एवं पितृ ऋण से शांति, परिवार में सुख-शांति और आने वाली पीढ़ियों पर पूर्वजों के आशीर्वाद के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी।
काशी का पिशाच मोचन कुंड पितृ कर्म और पितृ दोष शांति से जुड़ा एक प्राचीन धार्मिक स्थल माना जाता है। मोक्ष नगरी काशी में स्थित होने के कारण यहां पिंडदान, श्राद्ध और पूर्वजों की शांति के निमित्त किए जाने वाले धार्मिक कर्मों का विशेष महत्व माना गया है।
वहीं गया का सीता कुंड माता सीता और राजा दशरथ से जुड़ी पितृ कर्म परंपरा के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। गया स्वयं भारत के प्रमुख पितृ तीर्थों में माना जाता है। इस प्रकार मातृ नवमी पर काशी और गया दोनों पवित्र पितृ तीर्थों का एक ही महानुष्ठान में समावेश इसकी प्रमुख विशेषता है।
मातृ नवमी पर माता, दादी, नानी एवं परिवार की अन्य दिवंगत महिला पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण कर उनकी तृप्ति और शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी।
पूर्वजों के निमित्त पिंडदान, श्राद्ध एवं तर्पण के माध्यम से मातृ एवं पितृ ऋण से शांति और उनके प्रति कृतज्ञता अर्पित करने की प्रार्थना की जाएगी।
पिशाच मोचन कुंड में त्रिपिंडी श्राद्ध एवं पिंडदान के माध्यम से पितृ दोष से जुड़े माने जाने वाले प्रतिकूल प्रभावों की शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी।
काशी एवं गया के द्वि-तीर्थ अनुष्ठान के माध्यम से दिवंगत पूर्वजों की आत्मिक शांति, तृप्ति और सद्गति की कामना की जाएगी।
मातृ पूर्वजों के निमित्त श्रद्धापूर्वक पितृ कर्म कर परिवार में सुख-शांति, आपसी सामंजस्य, वंश कल्याण और आने वाली पीढ़ियों पर पूर्वजों के आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की जाएगी।





1 पूर्वज
2 पूर्वज
6 पूर्वज
व्यक्तिगत पूजा
100% मनी बैक गारंटी
कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं
आधिकारिक मंदिर भागीदार
ग्राहक सहायता
संकल्प के दौरान, हमारे पंडित जी 2 भक्तों के नाम और पारिवारिक गोत्र का उच्चारण करेंगे।
आप अपने नाम से वस्त्र दान, गौ सेवा, या चढ़ावा सेवा जैसे अतिरिक्त विकल्पों को चुन सकते हैं।
आपकी पूजा और चढ़ावे का वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
8-10 दिनों के भीतर, आपको विया वेदा द्वारा मुफ्त में प्रसाद, पवित्र धागा और अन्य पवित्र वस्तुओं के साथ एक दिव्य आशीर्वाद बॉक्स मिलेगा।
Vishnu temple rituals looked authentic and beautifully performed throughout today.
Lakshmi puja brought positive feelings and happiness to our family.
Shani puja was good only the video arrived a little late.
Hanuman Ji seva was completed exactly as promised with great care.
The Mahadev puja video filled our hearts with peace and devotion.
लक्ष्मी पूजा का अनुभव परिवार के लिए बहुत शुभ रहा।
माँ काली की पूजा देखकर मन सचमुच भावुक हो गया।
शनि पूजा अच्छी रही, वीडियो थोड़ा देर से मिला लेकिन संतोष हुआ।
हनुमान जी की सेवा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हुई।
महादेव की पूजा देखकर मन को बहुत शांति और संतोष मिला।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
WhatsApp us