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पुरूषोत्तम एकादशी विशेष: विष्णु सहस्रनाम पाठ एवं पाप नाशक महायज्ञ

पिछले 7 जन्मों के पापों को शांत करने के लिए

  • श्री बृहस्पति मंदिर, काशी
  • June 11, Thursday

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प्रसाद वितरण(* केवल भारत में उपलब्ध है)

4.6

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एक व्यक्ति
एक व्यक्ति
1 भक्त के लिए
$ 51
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पार्टनर के साथ
पार्टनर के साथ
2 भक्तो के लिए
$ 71
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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परिवार
परिवार
6 भक्तो के लिए
$ 101
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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वीआईपी
वीआईपी
व्यक्तिगत पूजा
$ 251
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पूजा की मुख्य विशेषताएं
पूजा के लाभ
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शास्त्रों में पुरुषोत्तम एकादशी को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने वाली तिथि बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए विष्णु सहस्रनाम पाठ और महायज्ञ से कई जन्मों से संचित नकारात्मक कर्मों के प्रभाव शांत होने लगते हैं। इससे जीवन में बार-बार आने वाली अनचाही समस्याओं, संघर्षों और मानसिक बोझ से राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है।

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कई बार व्यक्ति पूरी मेहनत और योग्य होने के बावजूद सफलता प्राप्त नहीं कर पाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके पीछे कर्मजनित बाधाएं भी कारण हो सकती हैं। भगवान विष्णु की आराधना और पाप नाशक महायज्ञ इन अदृश्य अवरोधों को शांत करने का माध्यम माना जाता है, जिससे रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और सफलता के नए द्वार खुलने लगते हैं।

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विष्णु सहस्रनाम को केवल एक स्तोत्र नहीं बल्कि दिव्य ऊर्जा का स्रोत माना गया है। इसके पाठ से मन में चल रही अशांति, चिंता और नकारात्मक विचार धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। साधक को मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की शक्ति प्राप्त होती है।

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भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता और धर्म का रक्षक कहा गया है। मान्यता है कि उनकी कृपा से जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि का संचार होता है। इस विशेष महायज्ञ के माध्यम से साधक भगवान विष्णु के चरणों में अपनी समस्याएं समर्पित कर उनके दिव्य संरक्षण और कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करता है।

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29 वर्षों बाद बने इस दुर्लभ पुरुषोत्तम एकादशी और गुरुवार के संयोग को अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस समय किया गया संकल्प और पूजा साधक के सुप्त भाग्य को जागृत करने में सहायक होती है। इससे करियर, व्यवसाय, शिक्षा और जीवन के अन्य क्षेत्रों में नए अवसर प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

पूजा के बारे में
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सनातन धर्म में माना गया है कि जीवन की कुछ समस्याएं केवल वर्तमान कर्मों का परिणाम नहीं होतीं, बल्कि पूर्व जन्मों के कर्मों के प्रभाव भी व्यक्ति के भाग्य, सफलता और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे कर्मों के प्रभाव को शांत करने के लिए शास्त्रों में भगवान विष्णु की आराधना को अत्यंत प्रभावशाली बताया गया है। वर्ष 2026 में पुरुषोत्तम यानि (अधिक) मास की एकादशी और गुरुवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो लगभग 29 वर्षों बाद हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित होता है और जब इस पवित्र मास की एकादशी गुरुवार के साथ आती है, तब यह समय भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का अत्यंत दुर्लभ अवसर माना जाता है। इसी दिव्य अवसर पर काशी स्थित पावन श्री बृहस्पति मंदिर में विष्णु सहस्रनाम पाठ एवं पाप नाशक महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

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मंदिर के बारे में
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प्राचीन आध्यात्मिक नगरी काशी में स्थित श्री बृहस्पति मंदिर देवगुरु बृहस्पति को समर्पित एक अत्यंत दुर्लभ और पवित्र तीर्थ माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति को सभी देवताओं का गुरु, ज्ञान, धर्म, सदाचार और शुभ भाग्य का अधिष्ठाता माना जाता है। मान्यता है कि यहां श्रद्धा से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, विवेक, सौभाग्य और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। विशेष रूप से गुरुवार के दिन यहां दर्शन और पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि यह दिन स्वयं देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना गया है। काशी की दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा और देवगुरु की कृपा का यह संगम साधकों के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।

यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076  पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई  पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।

हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा में कैसे भाग लें?
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पूजा तिथि पर - पूजा वीडियो देखें
पूजा पर लघु दर्शन वीडियो साझा किया जाएगा तिथि. नाम-गोत्र सहित पूरा वीडियो भेजा जाएगा 2-3 दिनों के भीतर व्हाट्सएप पर।
प्रसाद घर पर पहुंचाया जाएगा
मंदिर से प्रामाणिक प्रसाद 7-10 दिनों के भीतर वितरित किया जाएगा।

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