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सर्प दोष के अशुभ प्रभावों को शांत करने और पूर्वजन्म के कर्मजनित दोषों से मुक्ति की प्रार्थना के लिए
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2 लाख+ श्रद्धालु
ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है Via Veda
🐍 14 वर्षों बाद सावन सोमवार पर नाग पंचमी का विशेष संयोग
17 अगस्त 2026 का दिन शिव और नाग उपासना के लिए अत्यंत विशेष माना जा रहा है। इस दिन पवित्र सावन मास का सोमवार और नाग देवताओं की आराधना का प्रमुख पर्व नाग पंचमी एक साथ पड़ रहे हैं। ऐसा संयोग 14 वर्षों के बाद बन रहा है। सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है और भगवान शिव के गले में विराजमान नाग देवता शक्ति, संरक्षण, काल और कुंडलिनी ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं।
नाग पंचमी पर नाग देवताओं की पूजा तथा सावन सोमवार पर भगवान शिव की आराधना—इन दोनों शुभ अवसरों का एक ही दिन मिलना सर्प दोष और नाग दोष की शांति के लिए एक असाधारण आध्यात्मिक अवसर माना जाता है। इसी दुर्लभ संयोग पर गोकर्ण के सर्व दोष निवारण आत्मलिंग क्षेत्र में अनुभवी आचार्यों द्वारा आपके नाम एवं गोत्र से विशेष आश्लेषा नागबलि पूजा संपन्न की जाएगी।
🔱 भगवान शिव और नाग देवताओं का क्या संबंध है?
भगवान शिव को नागों का अधिपति और परम संरक्षक माना जाता है। उनके गले में विराजमान वासुकि नाग इस बात का प्रतीक हैं कि महादेव भय, विष, मृत्यु और काल पर पूर्ण नियंत्रण रखते हैं। पौराणिक मान्यताओं में नाग देवताओं को पृथ्वी के भीतर स्थित ऊर्जा, जलस्रोतों, वंश-परंपरा, प्रजनन शक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जोड़ा गया है।
मान्यता है कि नाग देवताओं का अनादर, पूर्वजन्म में सर्पों के प्रति किए गए कर्म अथवा जन्मकुंडली में बनने वाले कुछ विशेष ग्रहयोग व्यक्ति के जीवन में सर्प दोष अथवा नाग दोष के रूप में प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में सावन सोमवार और नाग पंचमी के संयुक्त अवसर पर भगवान शिव के सान्निध्य में नाग देवताओं की पूजा को विशेष प्रभावशाली माना जाता है।
🌿 आश्लेषा नागबलि पूजा क्या है?
आश्लेषा नागबलि पूजा नाग देवताओं की कृपा प्राप्त करने और सर्प दोष से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाने वाला एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है। इस पूजा में वैदिक विधि से नाग देवताओं का आवाहन, पूजन, मंत्रजप, विशेष अर्पण और दोष शांति की प्रार्थना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन लोगों के लिए किया जाता है जिन्हें विवाह में देरी, संतान प्राप्ति में बाधा, स्वास्थ्य संबंधी चिंता, आर्थिक अस्थिरता, पारिवारिक तनाव अथवा बार-बार कार्य बिगड़ने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा हो।
⚠️ सर्प दोष के संभावित प्रभाव क्या माने जाते हैं?
ज्योतिषीय एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्प दोष या नाग दोष का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। कुछ लोगों को अत्यधिक प्रयास करने के बाद भी कार्यों में सफलता नहीं मिलती, तो कुछ के विवाह अथवा संतान से संबंधित कार्यों में लगातार देरी होती रहती है।
इसके अतिरिक्त बार-बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, अनजाना भय, मानसिक अशांति, आर्थिक अस्थिरता, पारिवारिक तनाव, डरावने स्वप्न अथवा बने-बनाए कार्यों का अचानक बिगड़ जाना भी इससे संबंधित माना जाता है। हालांकि प्रत्येक समस्या का कारण नाग दोष नहीं होता, फिर भी जन्मकुंडली अथवा पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर दोष की संभावना होने पर विधिपूर्वक शांति पूजा करने की परंपरा रही है।
🕉️ नाग पंचमी पर आश्लेषा नागबलि पूजा क्यों मानी जाती है विशेष?
नाग पंचमी नाग देवताओं के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और क्षमा-प्रार्थना का सबसे प्रमुख पर्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अनंत, वासुकि, शेषनाग, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिय और तक्षक सहित विभिन्न नाग देवताओं की पूजा करते हैं।
मान्यता है कि नाग पंचमी पर की गई नाग पूजा से सर्प भय शांत होता है, परिवार को नाग देवताओं का संरक्षण प्राप्त होता है और नाग दोष से जुड़े अशुभ प्रभावों में कमी आती है। इस वर्ष नाग पंचमी का सावन सोमवार को पड़ना इस अवसर को और भी विशेष बनाता है। इस दिन भगवान शिव और नाग देवताओं की संयुक्त आराधना के कारण आश्लेषा नागबलि पूजा का आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
🛕 गोकर्ण में नाग दोष निवारण पूजा का महत्व
कर्नाटक में स्थित गोकर्ण तीर्थ क्षेत्र भगवान शिव के परम पवित्र आत्मलिंग का धाम माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहां भगवान शिव स्वयं महाबलेश्वर के रूप में विराजमान हैं।‘गोकर्ण’ का अर्थ गाय के कान के समान आकार वाला पवित्र क्षेत्र माना जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, इसी भूमि पर भगवान शिव का दिव्य आत्मलिंग स्थापित हुआ था। गोकर्ण को पापों, कर्मजनित दोषों, पितृ संबंधी बाधाओं और विभिन्न आध्यात्मिक दोषों की शांति के लिए विशेष तीर्थ माना जाता है।
समुद्र तट, पवित्र कोटितीर्थ और भगवान महाबलेश्वर के सान्निध्य के कारण यहां संपन्न होने वाले नागबलि एवं दोष निवारण अनुष्ठानों को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इस आत्मलिंग क्षेत्र में सच्ची श्रद्धा से की गई प्रार्थना व्यक्ति को पुराने कर्मों के भार से मुक्त होने और जीवन में नई सकारात्मक शुरुआत करने की शक्ति प्रदान करती है।
🙏 वायावेदा के माध्यम से पूजा में भाग लें
वायावेदा के माध्यम से आप गोकर्ण तीर्थ क्षेत्र में आयोजित इस विशेष आश्लेषा नागबलि पूजा में अपने नाम एवं गोत्र के संकल्प के साथ भाग ले सकते हैं। आपके संकल्प से वैदिक विधि द्वारा नाग देवताओं का पूजन, मंत्रोच्चारण, पूजन सामग्री का अर्पण और क्षमा-याचना अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा।
इस पूजा के माध्यम से आप अपने तथा अपने परिवार के लिए सर्प दोष और नाग दोष के प्रभावों से राहत, पूर्व जन्मों के कर्मजनित दोषों की शांति, विवाह एवं संतान संबंधी बाधाओं के निवारण, करियर में प्रगति, पारिवारिक सुख और आध्यात्मिक संरक्षण की प्रार्थना कर सकते हैं।
कर्नाटक के पश्चिमी तट पर स्थित गोकर्ण भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शिव तीर्थों में से एक माना जाता है। यह स्थान भगवान महाबलेश्वर के दिव्य आत्मलिंग के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध है और इसे सनातन धर्म के सात प्रमुख मुक्ति क्षेत्रों (सप्त मुक्ति क्षेत्र) में स्थान प्राप्त है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण द्वारा लाए गए आत्मलिंग की स्थापना इसी पवित्र भूमि पर हुई थी, जिसके कारण गोकर्ण को असाधारण आध्यात्मिक ऊर्जा और मोक्ष प्रदान करने वाला क्षेत्र माना जाता है।
गोकर्ण केवल शिव भक्ति का केंद्र ही नहीं, बल्कि पितृ दोष, नाग दोष और अन्य कर्मजनित बाधाओं के निवारण के लिए भी अत्यंत प्रसिद्ध है। सदियों से श्रद्धालु यहां विशेष अनुष्ठान, तर्पण, श्राद्ध और दोष निवारण पूजाएं संपन्न कराते आए हैं। मान्यता है कि इस पवित्र भूमि पर श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए धार्मिक कर्म कई गुना अधिक फल प्रदान करते हैं।
विशेष रूप से नाग पूजा और नागबलि जैसे अनुष्ठानों के लिए गोकर्ण का महत्व अत्यधिक माना जाता है। समुद्र, पर्वत और दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से घिरा यह तीर्थ क्षेत्र साधकों को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यही कारण है कि देशभर से श्रद्धालु सर्प दोष निवारण और पूर्व जन्मों के कर्मों से मुक्ति की कामना लेकर इस पवित्र धाम में आते हैं।
इस पूजा में नाग देवताओं का विधिपूर्वक आवाहन और पूजन कर जन्मकुंडली अथवा कर्मों से जुड़े सर्प दोष के अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
नागबलि अनुष्ठान के माध्यम से पूर्वजन्म अथवा वर्तमान जीवन में जाने-अनजाने हुए नाग संबंधी अपराधों के लिए क्षमा मांगकर कर्मों की शुद्धि की प्रार्थना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं में नाग दोष को कभी-कभी विवाह में देरी और संतान प्राप्ति में आने वाली बाधाओं से जोड़ा जाता है। इस पूजा में वैवाहिक सुख और संतान प्राप्ति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है।
नाग देवताओं और भगवान शिव की संयुक्त उपासना के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, अनजाने भय, तनाव, नकारात्मक विचारों और मानसिक अस्थिरता से राहत की कामना की जाती है।
इस अनुष्ठान में रोजगार, व्यवसाय, धन और महत्वपूर्ण कार्यों में बार-बार आने वाली बाधाओं की शांति तथा जीवन में स्थिरता एवं प्रगति की प्रार्थना की जाती है।





1 भक्त के लिए
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संकल्प के दौरान, हमारे पंडित जी 2 भक्तों के नाम और पारिवारिक गोत्र का उच्चारण करेंगे।
आप अपने नाम से वस्त्र दान, गौ सेवा, या चढ़ावा सेवा जैसे अतिरिक्त विकल्पों को चुन सकते हैं।
आपकी पूजा और चढ़ावे का वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
8-10 दिनों के भीतर, आपको विया वेदा द्वारा मुफ्त में प्रसाद, पवित्र धागा और अन्य पवित्र वस्तुओं के साथ एक दिव्य आशीर्वाद बॉक्स मिलेगा।
Vishnu temple rituals looked authentic and beautifully performed throughout today.
Lakshmi puja brought positive feelings and happiness to our family.
Shani puja was good only the video arrived a little late.
Hanuman Ji seva was completed exactly as promised with great care.
The Mahadev puja video filled our hearts with peace and devotion.
लक्ष्मी पूजा का अनुभव परिवार के लिए बहुत शुभ रहा।
माँ काली की पूजा देखकर मन सचमुच भावुक हो गया।
शनि पूजा अच्छी रही, वीडियो थोड़ा देर से मिला लेकिन संतोष हुआ।
हनुमान जी की सेवा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हुई।
महादेव की पूजा देखकर मन को बहुत शांति और संतोष मिला।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
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