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> संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: आप वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी विशेष सेवाओं को अपने नाम से जोड़ सकते हैं।
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> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा का कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
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> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा का कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।

> संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।
> विशेष सेवाएँ: वस्त्र दान, गौ सेवा या चढ़ावा सेवा जैसी पूज्यनीय सेवाओं का चयन कर अपनी आस्था को और विशेष बनाएं आपके नाम से संपन्न की जाएगी।
> निजी पूजा वीडियो: आपकी पूजा और अर्पण का उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
> श्री हनुमंत बलवंंत विजयप्रद केला-पान अर्पण पूजा कोई प्रसाद नहीं होता है। इसलिए इस पूजा का प्रसाद आपके घर पर नहीं भेजा जाएगा।
भगवान शिव को आशुतोष कहा जाता है, अर्थात जो भक्तों की प्रार्थना से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। सोमवती अमावस्या पर किए गए महारुद्राभिषेक से साधक की उचित इच्छाओं और जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होने लगता है।
यदि जीवन में बार-बार आर्थिक कठिनाइयां, व्यापार में रुकावट या धन की अस्थिरता बनी हुई हो, तो महारुद्राभिषेक अत्यंत लाभकारी माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से धन आगमन के मार्ग खुलने और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होने की मान्यता है।
अमावस्या तिथि पितरों की शांति और दोष निवारण के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से पितृ दोष, ग्रह बाधाओं तथा जीवन में उपस्थित नकारात्मक प्रभावों का शमन होने लगता है और शुभता का संचार होता है।
यह विशेष अनुष्ठान केवल साधक ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के कल्याण के लिए किया जाता है। भगवान शिव से प्रार्थना की जाती है कि परिवार के सभी सदस्यों को स्वास्थ्य, सुरक्षा, आपसी प्रेम और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त हो।
रुद्राभिषेक और वैदिक मंत्रों का दिव्य प्रभाव मन को शांति और आत्मबल प्रदान करने वाला माना जाता है। शिव कृपा से साधक के जीवन में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और सफलता के नए अवसर प्राप्त होते हैं तथा जीवन में स्थिरता और संतुलन का अनुभव होता है।
सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या को अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी तिथियों में से एक माना गया है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह संयोग भगवान शिव और पितरों दोनों की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की आराधना, अभिषेक और जप-तप करने से साधक को कई गुना अधिक शुभ फल प्राप्त होता है तथा जीवन में चल रही बाधाओं, आर्थिक संकटों और मानसिक कष्टों का निवारण होने लगता है।
भगवान शिव को समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने वाले, दुखों का नाश करने वाले और कल्याण प्रदान करने वाले देव कहा गया है। विशेष रूप से सोमवती अमावस्या पर शिवलिंग का अभिषेक और रुद्र पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसी कारण इस पावन अवसर पर काशी के पवित्र मणिकर्णिका घाट स्थित श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर में 4 प्रहर महारुद्राभिषेक पूजा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
वैदिक परंपरा में महारुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने वाले सबसे प्रभावशाली अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। इस विशेष पूजा में चारों प्रहरों में भगवान शिव का पवित्र द्रव्यों से अभिषेक किया जाएगा तथा वैदिक ब्राह्मणों द्वारा रुद्राध्याय एवं शिव मंत्रों का उच्चारण किया जाएगा। मान्यता है कि महारुद्राभिषेक से साधक के जीवन में उपस्थित आर्थिक रुकावटें, कार्यों में आने वाली बाधाएं, ग्रह दोषों के प्रभाव तथा नकारात्मक ऊर्जाएं शांत होने लगती हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
इस पूजा का महत्व इसलिए भी कई गुना बढ़ जाता है क्योंकि यह अनुष्ठान काशी की पावन भूमि पर संपन्न होगा। काशी को भगवान शिव की प्रिय नगरी कहा जाता है और मणिकर्णिका घाट को मोक्ष एवं दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां की गई प्रार्थना और साधना सीधे भगवान शिव तक पहुंचती है तथा साधक को विशेष कृपा प्रदान करती है।
इस विशेष अनुष्ठान में साधक के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर चारों प्रहरों में महारुद्राभिषेक, रुद्रपाठ और विशेष शिव आराधना संपन्न की जाएगी। भगवान शिव से प्रार्थना की जाएगी कि वे साधक और उसके परिवार को आर्थिक स्थिरता, सुख-समृद्धि, मनोकामना सिद्धि, मानसिक शांति और जीवन में निरंतर उन्नति का आशीर्वाद प्रदान करें। यदि आप अपनी इच्छाओं की पूर्ति, धन संबंधी समस्याओं से राहत और शिव कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ अवसर पर काशी में होने वाला यह अनुष्ठान आपके लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
उत्तर प्रदेश के काशी नगरी में स्थित श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के अत्यंत पूजनीय और अद्भुत मंदिरों में से एक है। यह मंदिर पवित्र मणिकर्णिका घाट के समीप स्थित है, जिसे सनातन परंपरा में मोक्षभूमि और भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति का केंद्र माना जाता है। यहां स्थापित पारदेश्वर शिवलिंग विशेष रूप से पारद (पारे) से निर्मित होने के कारण अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली माना जाता है।
शास्त्रों में वर्णित है कि पारदेश्वर शिवलिंग की पूजा करने से साधक को अनेक यज्ञों और तीर्थों के समान पुण्य प्राप्त होता है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं इस स्वरूप में भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं। काशी को भगवान शिव का शाश्वत निवास कहा जाता है और ऐसी मान्यता है कि यहां मृत्यु को भी मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।
मणिकर्णिका घाट का महत्व भी अत्यंत विशेष है। पुराणों के अनुसार, यह स्थान भगवान शिव और माता पार्वती की दिव्य लीला से जुड़ा हुआ है। सदियों से साधु-संत, ऋषि-मुनि और श्रद्धालु यहां साधना एवं शिव उपासना करते आए हैं। विशेष रूप से सोमवती अमावस्या जैसे दुर्लभ योगों में यहां की गई पूजा और अभिषेक अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर आज भी शिव भक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य कृपा का जीवंत केंद्र माना जाता है।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।





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