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पूजा और प्रसाद वितरण

गौरी-शंकर पूजा एवं शिव-गौरी स्तोत्र पाठ

रिश्ते में मनमुटाव एवं विवाह में देरी से छुटकारा पाने के लिए

  • त्रियुगीनारायण मंदिर, उत्तराखंड
  • May 14, Thursday

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प्रसाद वितरण(* केवल भारत में उपलब्ध है)

4.4

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एक व्यक्ति
एक व्यक्ति
1 भक्त के लिए
$ 51
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 1 भक्त का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पार्टनर के साथ
पार्टनर के साथ
2 भक्तो के लिए
$ 71
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 2 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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परिवार
परिवार
6 भक्तो के लिए
$ 101
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प के समय, पंडित जी 6 भक्तों के नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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वीआईपी
वीआईपी
व्यक्तिगत पूजा
$ 251
मुख्य विशेषताएं
  • > संकल्प : पूजा के दौरान, पंडित जी भक्तों का नाम और गोत्र श्रद्धापूर्वक उच्चारित करेंगे।

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पूजा की मुख्य विशेषताएं
पूजा के लाभ
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यदि विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हैं या सही रिश्ता नहीं बन पा रहा, तो यह गौरी-शंकर पूजा उन बाधाओं को दूर करने में सहायक मानी जाती है। माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा से विवाह के योग मजबूत होते हैं और सही समय पर योग्य जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ती है।

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यह पूजा विशेष रूप से पति-पत्नी या प्रेम संबंधों में बढ़ती दूरियों को कम करने और आपसी समझ को मजबूत करने के लिए की जाती है। शिव-गौरी के दिव्य मिलन की ऊर्जा से रिश्तों में फिर से प्रेम और जुड़ाव का संचार होता है।

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यदि रिश्तों में बार-बार विवाद, गलतफहमियां या भावनात्मक तनाव बना रहता है, तो यह पूजा उन्हें शांत करने में सहायक होती है। इससे घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बनने लगता है।

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भगवान शिव और माता पार्वती आदर्श दांपत्य जीवन के प्रतीक हैं। उनकी आराधना से वैवाहिक जीवन में स्थिरता, संतुलन और दीर्घकालिक सुख प्राप्त होने की मान्यता है।

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यह पूजा उन लोगों के लिए भी विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है, जो प्रेम विवाह करना चाहते हैं या अपने मनचाहे जीवनसाथी के साथ जीवन बिताने की इच्छा रखते हैं।

पूजा के बारे में
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हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ और प्रभावशाली दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई गौरी-शंकर आराधना वैवाहिक जीवन की समस्याओं को दूर करने और रिश्तों में प्रेम, विश्वास और संतुलन स्थापित करने में सहायक होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रियुगीनारायण मंदिर वह दिव्य स्थान है जहाँ स्वयं भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। यहाँ आज भी विवाह की साक्षी मानी जाने वाली पवित्र अग्नि निरंतर प्रज्वलित है। इसलिए इस स्थान पर की गई गौरी-शंकर पूजा को वैवाहिक सुख और संबंधों की मजबूती के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इसी पावन अवसर पर प्रदोष व्रत के दिन गौरी-शंकर पूजा एवं शिव-गौरी स्तोत्र पाठ का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती का विधि-विधान से पूजन कर उनके दिव्य मिलन की ऊर्जा को जीवन में आमंत्रित किया जाता है। शिव-गौरी स्तोत्र के पाठ से वैवाहिक जीवन में आ रही बाधाएं शांत होने और रिश्तों में मधुरता बढ़ने की प्रार्थना की जाती है। यह विशेष पूजा उन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है, जिनके विवाह में देरी हो रही है, रिश्तों में बार-बार मनमुटाव हो रहा है या वैवाहिक जीवन में संतुलन की कमी महसूस हो रही है। उत्तराखंड के पावन त्रियुगीनारायण मंदिर में यह महापूजा साधक के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर संपन्न की जाएगी। यदि आप अपने जीवन में प्रेम, समझ और वैवाहिक सुख चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत का यह अवसर आपके लिए अत्यंत शुभ हो सकता है।

मंदिर के बारे में
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त्रियुगीनारायण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित एक ऐतिहासिक और पवित्र स्थल है, जो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के त्रियुगीनारायण गांव में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रियुगीनारायण को हिमवत की राजधानी माना जाता था और यहीं पर भगवान शिव और देवी पार्वती का पवित्र विवाह हुआ था। कहा जाता है कि शिव और पार्वती का विवाह इसी विशाल हवन कुंड में हुआ था, जिसमें चारों दिशाओं में अग्नि प्रज्वलित की गई थी। इस दिव्य विवाह समारोह में ब्रह्मा, विष्णु सहित सभी देवताओं और संतों ने भाग लिया था। इस हवन कुंड की राख को आज भी भक्त अपने घर ले जाते हैं, और इसे अपने वैवाहिक जीवन के सुखमय होने के लिए एक आशीर्वाद मानते हैं। त्रियुगीनारायण नाम इसी कारण पड़ा क्योंकि यहाँ तीन युगों के चिन्ह देखे जाते हैं, जो भगवान विष्णु, शिव और पार्वती के दिव्य संबंधों को दर्शाते हैं। इस मंदिर के परिसर में चार महत्वपूर्ण कुंड स्थित हैं: रुद्राकुंड, विष्णु कुंड, ब्रह्मकुंड और सरस्वती कुंड। इन कुंडों का जल बहुत पवित्र माना जाता है, और यही वह स्थान है जहाँ देवताओं ने शिव-पार्वती के विवाह के दौरान स्नान किया था। विशेष रूप से, सरस्वती कुंड का जल विष्णु की नाभि से उत्पन्न माना जाता है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। इसलिए, पाप कर्मों से मुक्ति, वैवाहिक सुख एवं दांपत्य सामंजस्य एवं सुख समृद्धि के लिए चढ़ाया जाने वाला चढ़ावा इस मंदिर में अत्यंत फलदायी माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।

यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076  पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई  पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।

हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।

पूजा में कैसे भाग लें?
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पूजा और भेट दान का चयन करें जैसे - वस्त्र दान, गौ सेवा, ब्राह्मण भोजन आदि
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संकल्प फॉर्म भरे
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पूजा तिथि पर - पूजा वीडियो देखें
पूजा पर लघु दर्शन वीडियो साझा किया जाएगा तिथि. नाम-गोत्र सहित पूरा वीडियो भेजा जाएगा 2-3 दिनों के भीतर व्हाट्सएप पर।
प्रसाद घर पर पहुंचाया जाएगा
मंदिर से प्रामाणिक प्रसाद 7-10 दिनों के भीतर वितरित किया जाएगा।

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