पूजा चुनें
पूजा का चयन करें
भुगतान विवरण / संकल्प फॉर्म
पूजा और प्रसाद वितरण
प्रेम प्राप्ति, शीघ्र विवाह, अखंड सौभाग्य और मनोकामना पूर्ति के लिए
मौका न चूकें - पूजा बुकिंग जल्द ही बंद हो रही है!
2 लाख+ श्रद्धालु
ने Via Veda द्वारा आयोजित पूजा में भाग लिया है Via Veda
💍सावन शिवरात्रि पर शिव-पार्वती गठबंधन पूजा क्यों मानी जाती है विशेष?
सावन शिवरात्रि भगवान शिव की उपासना के लिए वर्ष की सबसे पवित्र रात्रियों में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि सावन का महीना स्वयं भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और शिवरात्रि उनकी आराधना का सर्वोच्च अवसर मानी जाती है। शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति, समर्पण और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। यही दिव्य मिलन आदर्श प्रेम, विश्वास, समर्पण और वैवाहिक जीवन का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है।
इसी दिव्य प्रसंग की स्मृति में सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक शिव-पार्वती गठबंधन पूजा करने से योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, शीघ्र विवाह, वैवाहिक जीवन में प्रेम, सौहार्द और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस शुभ अवसर पर बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग में शिव-पार्वती गठबंधन महापूजा एवं वैदिक हवन संपन्न किया जाएगा, जिसमें भक्तों के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर शिव-शक्ति की संयुक्त कृपा की प्रार्थना की जाएगी।
❤️ शिव-पार्वती का दिव्य विवाह सनातन धर्म में इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है
भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह केवल दो दिव्य शक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के शाश्वत संतुलन का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव वैराग्य, चेतना और परम ज्ञान के प्रतीक हैं, जबकि माता पार्वती प्रेम, शक्ति, करुणा और सृष्टि की आधारशक्ति हैं। इन दोनों का मिलन यह संदेश देता है कि प्रेम तभी पूर्ण होता है जब उसमें विश्वास, समर्पण, धैर्य और सम्मान हो। इसी कारण विवाहित महिलाएँ अखंड सौभाग्य के लिए और अविवाहित युवक-युवतियाँ योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करती हैं।
🌙 सावन शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
सावन शिवरात्रि वह पावन रात्रि मानी जाती है जब भगवान शिव की उपासना कई गुना अधिक फलदायी मानी जाती है। इस दिन रात्रि जागरण, रुद्राभिषेक, शिव मंत्र जप, हवन और शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करने से साधक को भगवान शिव और माता पार्वती दोनों की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। धार्मिक विश्वास है कि इस शुभ अवसर पर श्रद्धापूर्वक की गई पूजा प्रेम संबंधों में मधुरता, वैवाहिक जीवन में स्थिरता, परिवार में सुख-शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति का माध्यम बनती है।
🔥 शिव-पार्वती गठबंधन महापूजा एवं हवन का महत्व
इस विशेष अनुष्ठान में भगवान शिव और माता पार्वती का वैदिक विधि से पूजन किया जाएगा। इसके पश्चात शुभ वैवाहिक सूत्र (गठबंधन) अर्पित कर शिव-शक्ति के दिव्य मिलन का स्मरण किया जाएगा। यह गठबंधन प्रेम, विश्वास, समर्पण और अटूट वैवाहिक बंधन का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन संपन्न होगा, जिसमें प्रत्येक आहुति के माध्यम से प्रेम, वैवाहिक सुख, अखंड सौभाग्य, पारिवारिक समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की जाएगी।
🙏 वायावेदा के माध्यम से पूजा में भाग लें
वायावेदा के माध्यम से आप सावन शिवरात्रि के इस विशेष अवसर पर श्री बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर में आयोजित शिव-पार्वती गठबंधन महापूजा एवं हवन में अपने नाम एवं गोत्र के संकल्प के साथ सम्मिलित हो सकते हैं। इस अनुष्ठान के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती से प्रेम प्राप्ति, शीघ्र विवाह, अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख, पारिवारिक समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना की जाएगी।
झारखंड के देवघर में स्थित श्री बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह धाम केवल भगवान शिव की उपस्थिति के कारण ही नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के दुर्लभ आध्यात्मिक संगम के कारण भी विशेष है। धार्मिक मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर का विभाजन किया, तब उनका पवित्र हृदय देवघर की इसी भूमि पर गिरा था। इसी कारण यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में भी पूजित हुआ। भगवान शिव यहां बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हैं और माता शक्ति जयदुर्गा के रूप में पूजी जाती हैं।
बैद्यनाथ धाम से जुड़ी एक अन्य प्रसिद्ध मान्यता रावण की तपस्या से संबंधित है। कहा जाता है कि रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप किया और अपने शीश अर्पित किए। भगवान शिव ने वैद्य के समान उसके घावों को ठीक किया, इसलिए वे यहां बैद्यनाथ कहलाए। सावन माह में लाखों श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक करने देवघर पहुंचते हैं। प्रेम, विवाह और अखंड सौभाग्य की कामना से शिव एवं शक्ति की संयुक्त आराधना के लिए यह धाम अत्यंत पवित्र माना जाता है।
भगवान शिव और माता पार्वती को आदर्श प्रेम और दिव्य वैवाहिक संबंध का प्रतीक माना जाता है। इस पूजा के माध्यम से सच्चे प्रेम और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।
जिन भक्तों के विवाह में बार-बार विलंब या बाधाएं आ रही हों, उनके लिए शिव-पार्वती गठबंधन पूजा विशेष मानी जाती है। इस अनुष्ठान में शुभ विवाह योग और बाधाओं की शांति की कामना की जाती है।
विवाहित महिलाओं के लिए माता पार्वती की पूजा अखंड सौभाग्य की प्रार्थना का विशेष माध्यम मानी जाती है। इस पूजा में पति की दीर्घायु, परिवार की रक्षा और वैवाहिक सुख की कामना की जाती है।
इस पूजा के माध्यम से पति-पत्नी के बीच प्रेम, सम्मान, विश्वास, समझ और भावनात्मक निकटता की प्रार्थना की जाती है। संबंधों में मौजूद तनाव और गलतफहमियों की शांति की भी कामना की जाती है।
भगवान शिव और माता पार्वती का परिवार सनातन धर्म में आदर्श गृहस्थ जीवन का प्रतीक माना जाता है। इस अनुष्ठान में घर-परिवार की शांति, एकता, समृद्धि और सकारात्मक वातावरण की प्रार्थना की जाती है।





1 भक्त के लिए
2 भक्तो के लिए
6 भक्तो के लिए
व्यक्तिगत पूजा
100% मनी बैक गारंटी
कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं
आधिकारिक मंदिर भागीदार
ग्राहक सहायता
संकल्प के दौरान, हमारे पंडित जी 2 भक्तों के नाम और पारिवारिक गोत्र का उच्चारण करेंगे।
आप अपने नाम से वस्त्र दान, गौ सेवा, या चढ़ावा सेवा जैसे अतिरिक्त विकल्पों को चुन सकते हैं।
आपकी पूजा और चढ़ावे का वीडियो आपके व्हाट्सएप नंबर पर साझा किया जाएगा।
8-10 दिनों के भीतर, आपको विया वेदा द्वारा मुफ्त में प्रसाद, पवित्र धागा और अन्य पवित्र वस्तुओं के साथ एक दिव्य आशीर्वाद बॉक्स मिलेगा।
Vishnu temple rituals looked authentic and beautifully performed throughout today.
Lakshmi puja brought positive feelings and happiness to our family.
Shani puja was good only the video arrived a little late.
Hanuman Ji seva was completed exactly as promised with great care.
The Mahadev puja video filled our hearts with peace and devotion.
लक्ष्मी पूजा का अनुभव परिवार के लिए बहुत शुभ रहा।
माँ काली की पूजा देखकर मन सचमुच भावुक हो गया।
शनि पूजा अच्छी रही, वीडियो थोड़ा देर से मिला लेकिन संतोष हुआ।
हनुमान जी की सेवा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हुई।
महादेव की पूजा देखकर मन को बहुत शांति और संतोष मिला।
Via Veda एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपको धार्मिक सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देता है। इसके माध्यम से आप गौसेवा, अन्नदान, और मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दे सकते हैं। साथ ही, आप अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श कर कुंडली, अंक ज्योतिष और वास्तु जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पूजा के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का ध्यान रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और इष्टदेव का स्मरण करें। पूजा की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से सूचित किया जाएगा, और पूजा के बाद इसका रिकॉर्डेड वीडियो आपको भेजा जाएगा।
यदि आपको पूजा से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो आप Via Veda के कस्टमर सपोर्ट नंबर +91 98109 86076 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
Via Veda एक भरोसेमंद मंच है जो आपको घर बैठे पूजा करने का अवसर प्रदान करता है। आपकी पूजा बुकिंग के बाद, योग्य पुजारियों द्वारा शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके बाद, आपके दिए गए पते पर प्रसाद और पुजारी जी द्वारा आपके नाम और गोत्र से की गई पूजा का वीडियो आपके रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
पूजा बुक होने के बाद, हमारी टीम 24 घंटों के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपका नाम, गोत्र आदि की जानकारी लेगी। आप टीम से पूजा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑफलाइन और ऑनलाइन पूजा की प्रक्रिया में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों में ही पुजारी आपके नाम और गोत्र से अनुष्ठान करते हैं। अंतर यह है कि ऑफलाइन पूजा में आपको स्वयं मंदिर जाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन पूजा में आप घर बैठे यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा का रिकॉर्डेड वीडि यो आपको बाद में भेज दिया जाएगा।
हाँ, Via Veda द्वारा करवाई गई पूजा के बाद आपको उसका रिकॉर्डेड वीडियो आपके दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजा जाएगा।
WhatsApp us